‘क्या वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का उद्योगों से कीमतें घटाने की अपील करना सही है?’
पहले हालात पर काबू करें राजीव प्रताप रूड़ीपूर्व नागरिक उड्डयन मंत्रीवित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कंपनी जगत से कीमतों को घटाने का जो प्रस्ताव रखा है। वह सरकार की नाकामी को दर्शाने के लिए काफी है। हम कम कीमतों के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उसके लिए सरकार को उचित माहौल भी तो तैयार करना होगा। […]
मंदी ने बुझाई आग केरोसिन स्टोव की
मुल्क के अरबपतियों के खजाने मे तगड़ी सेंध लगाने के बाद अब मंदी अब देश के गरीब आदमी को भी बख्शती नजर नहीं आ रही है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के घर में खाना पकाने के काम में आने वाले केरोसिन स्टोव की बिक्री में काफी कमी आई है। पिछले एक साल […]
बड़े काम का है ये कचरा
आपको यह जानकर बहुत हैरानी होगी कि अब कृषि उत्पादों के कचरे का इस्तेमाल करके भी बिजली पैदा की जा सकती है। इस काम को अंजाम दिया है राजस्थान के एक ग्रामीण व्यक्ति ने। उसने बॉयोमास गैसीफायर सिस्टम बनाया है जिसके जरिए कृषि के कचरे का इस्तेमाल करके बिजली बनाई जा सकती है। इस नई […]
अब ‘जंबो’ नहीं ‘वेलकम टू सज्जनपुर’!
दुनिया भर में फैली आर्थिक मंदी ने बॉलीवुड में भी अपनी दस्तक दे दी है। बॉलीवुड में बन रही तकरीबन 70 फिल्मों में 200 करोड़ रुपये लगे हुए हैं। लेकिन मंदी के इस माहौल में अब बॉलीवुड में छोटे बजट की फिल्मों पर दांव लगाया जा रहा है। साथिया और मंगल पांडे जैसी फिल्में बनाने […]
अब क्या करेगी सरकार?
वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की आशावादी सोच अब भी बरकरार है। आर्थिक संपादकों के एक सम्मेलन में उन्होंने इस साल भी हमारी अर्थव्यवस्था के लिए सात-आठ फीसदी की विकास दर की उम्मीद जताई है। मंदी की बात को निराधार करार दिया। राजकोषीय गलतियों को माना और कहा कि भारत इस साल भी दूसरा सबसे तेजी से […]
काम के घंटों का बढ़ना बन चुकी है जरूरत
बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित एक रिपोर्ट में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आउटसोर्सिंग (बीपीओ) कर्मचारियों की यूनियन- यूनाइट्स ने दावा किया है कि लोग विभिन्न कंपनियों में ‘अनैच्छिक’ रूप से 12 घंटे से ज्यादा काम कर रहे हैं। दूसरी ओर कंपनियों का कहना है कि उनके कर्मचारी प्रतिदिन के हिसाब से अधिक समय तक काम तो […]
जरूरत है भारी-भरकम विदेशी मुद्रा भंडार की
मंदी के इस तूफान में खुद को बचाए रखने का एक ही जरिया है, एक अच्छा खासा विदेशी मुद्रा भंडार। अरविंद सुब्रमण्यन का मानना है कि हमारे पास यह भंडार कम से कम एक लाख करोड़ डॉलर का होना चाहिए। मंदी की इस बयार ने भारतीय नीति-निर्धारकों की सिर्फ नींद ही नहीं तोड़ी, बल्कि उन्हें […]
भारती: अच्छी स्थिति में
संचार मंत्री ए राजा के अनुसार अब मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) की शुरुआत अगले साल जून तक ही हो पाएगी। उनके इस बयान के बाद मंगलवार को कई टेलीकाम शेयर तेजी से नीचे गिरे। अगर इस स्थिति में टेलीकाम क्षेत्र में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले भारती एयरटेल के शेयर 1.5 फीसदी नीचे आए तो […]
आपके क्रेडिट कार्ड पर भी मार
मंदी के बीच कर्ज लेकर भागनेवाले ग्राहकों यानी डिफाल्टरों से बचने और नकदी की किल्लत दूर करने केलिए क्रे डिट कार्ड कंपनियों ने भी नए तरीकेआजमाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए उन्होंने मौजूदा ग्राहकों की क्रेडिट सीमा कम कर दी है यानी क्रेडिट कार्ड पर आप पहले से कम खरीदारी कर पाएंगे। एसबीआई कार्ड […]
एनएसई बढ़ा सकता है लॉट साइज
इस समय निफ्टी में अधिकांश कांट्रैक्टों की वैल्यू निर्धारित 2 लाख रुपये से काफी कम हो गई है। इसको देखते हुए राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) फ्यूचर्स कांट्रैक्ट में बदलाव कर सकता है। इस समय 265 कांट्रैक्टों में से 93 फीसदी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा अनिवार्य की गई न्यूनतम कांट्र्रैक्ट वैल्यू से नीचे […]
