आयकर चोरी : दंडों पर हो नए सिरे से विचार
अगर कर दाताओं ने पूरे कर का भुगतान नहीं किया है तो भारतीय आयकर कानून में ऐसे प्रावधान हैं जो न केवल दोषी पाये जाने वाले कर दाताओं से ब्याज वसूलते हैं। बल्कि, उनके लिए दंड के भी प्रावधान हैं। अगर किसी ने कर की अदायगी के वक्त जानकारियां छुपाई हों या फिर गलत जानकारियां […]
तो आईआईएम-ए के 32 फीसदी छात्र
वित्तीय संकट के मद्देनजर तमाम तरह की अफवाहों का बाजार गर्म था। मसलन इस बार वित्तीय क्षेत्र से नौकरियों की पेशकश का टोटा रहेगा, वित्तीय कंपनियां नियुक्ति में कम दिलचस्पी लेंगी। पर अहमदाबाद के भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम-ए) में समर प्लेसमेंट ने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया। इस बार संस्थान में वित्तीय क्षेत्र ने […]
एक्सएलआरआई के छात्रों को ज्यादा स्टाइपेंड
एक्सएलआरआई जमशेदपुर में 2010 बैच की समर इंटर्नशिप प्रक्रिया में इस बार पिछले बार की तुलना में काफी अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने हिस्सा लिया। कुल 180 छात्रों के बैच को इस बार 200 से अधिक इंटर्नशिप के प्रस्ताव दिये गए। पिछले बार की तुलना में इस बार छात्रों को अधिक स्टाइपेंड की पेशकश की गई। […]
प्रबंधन संस्थान के समर प्लेसमेंट में फिर दिखा वित्त क्षेत्र का जलवा
वित्त जगत में छाई मंदी के बावजूद इस बार बेंगलुरु स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम-बी) के समर प्लेसमेंट में वित्तीय क्षेत्र का दबदबा देखने को मिला। कैंपस में नियुक्ति के लिए आने वाली कुल कंपनियों में 21 फीसदी कंपनियां वित्तीय क्षेत्र और 20 फीसदी कंपनियां बैंकिंग क्षेत्र की थीं। चार दिन चले समर प्लेसमेंट में […]
सफर फिर होगा सुनहरा, जरा हटे तो गर्दिश की धूल
बैलेंस बना रहेगाछंटनी से निजी क्षेत्र में करियर का ग्लैमर कुछ फीका पड़ेगा, वहीं स्टॉक में पड़े माल को बेचने के लिए मार्केटिंग विशेषज्ञों की मांग पैदा होगी। कुल मिला कर बैलेंस रहेगा। निजी क्षेत्र में करियर का ग्लैमर कभी भी खत्म नहीं होगा।एस. एस. भदौरियास्तंभकार, मुख्य डाकघर, बीकानेर यही हाल रहा तो..मंदी का दौर […]
जादुई कार: ए-स्टार
एक सौ दस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से कार दौड़ाते वक्त मुझे जरा भी एहसास नहीं हुआ कि मैं एक तीन सिलिंडर वाली कार चला रहा हूं। मारुति ने ए स्टार नाम की एक नई सुपरमिनी कार लॉन्च की है। मै यहां पर उसी की बात कर रहा हूं। कार वाकई में शानदार है। […]
आईटी के बाद लेखन में नई पारी की शुरुआत
नंदन नीलेकणी की 380 पन्नों वाली किताब ‘इमैजिनिंग इंडिया: आइडियाज फॉर दी न्यू सेंचुरी’ के इस साल बेस्ट सेलर के रूप में दर्ज होने की पूरी संभावना है। पेग्विंन इंडिया ने इस किताब का प्रकाशन किया है। इस किताब की खास बात यह है कि इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के सह संस्थापक और इस किताब के लेखक […]
बैंक निजीकरण का नफा-नुकसान
आज अमेरिकी सरकार सिटी बैंक को मंदी की मार से बचाने की खातिर उसके अधिग्रहण के बारे में सोच रही है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि सोनिया गांधी भी इंदिरा गांधी के 1969 में किए गए 14 बैंकों के राष्ट्रीयकरण के फैसले के लाभों के बारे में सोचेंगी। चूंकि, बैंकिंग क्षेत्र में […]
न जाने किस दिशा में जा रहे ये राजमार्ग
हो सकता है कि सरकार बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में खर्च बढ़ाने और इसके लिए फंड के स्रोतों की तलाश कर रही हो। लेकिन अगर वर्तमान में चल रही परियोजनाओं की स्थिति पर गौर करें तो शायद उनका समय पर पूरा होना मुश्किल लगता है। ज्यादातर लोग इस बात से सहमत होंगे कि सरकार की सबसे […]
नकदी और विकास की अजीब है भूलभुलैया
आज तो कर्ज की कमी ने भारतीय उद्योग जगत की कमर तोड़ कर रख दी है। लेकिन जल्दी ही बैंकों के सामने पूंजी की अधिकता की समस्या होगी। बता रहे हैं अभीक बरुआ आपने वह मजाकिया सवाल तो सुना ही होगा कि पहले मुर्गी आई या अंडा? आजकल हमारे मुल्क के सामने भी ऐसी ही […]
