फिर लुढ़का पाम ऑयल
कच्चे तेल और सोयाबीन में गिरावट के बाद तीसरे दिन भी मलयेशिया में पाम ऑयल की कीमतों में कमी आई। गिरावट की प्रमुख वजह बायोफ्यूल के लिए मांगों में संभावित कमी और इस साल की पहली तिमाही की अपेक्षा पाम ऑयल के बेहतर उत्पादन की उम्मीद रही है। 6 जून के बाद कल पहली बार […]
एक्सचेंज में 40 फीसदी से ज्यादा शेयर नहीं ले सकती इंडियाबुल्स
वायदा कारोबार को नियंत्रित करने वाली शीर्ष संस्था वायदा बाजार आयोग (फॉरवर्ड मार्केट कमीशन; एफएमसी) ने इंडियाबुल्स फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और एमएमटीसी से कहा है कि वे प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तर के चौथे इंटरनेशनल कमोडिटी एक्सचेंज में अपनी हिस्सेदारी को नए सिरे से व्यवस्थित करें। इसके लिए इन दोनों कंपनियों को एक महीने की मोहलत दी […]
कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश से फसलें प्रभावित
असमान रूप से हुई मानसूनी बारिश से खरीफ की बुआई से संबंधित चिंताएं सताने लगी हैं। दक्षिणी प्रदेश में सामान्य से 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है। महाराष्ट्र और गुजरात तथा राजस्थान के कुछ हिस्सों की स्थिति भी चिंताजनक है। इससे कई फसलों जैसे तिलहन, मूंगफली, दाल खास तौर से अरहर, कपास और बगान फसलों […]
चीन अनोखी मंजिल की नई राह
चीन में साल के आठवें महीने यानी अगस्त को बहुत पवित्र माना जाता है और इसी महीने की आठ तारीख को ठीक आठ बजे पेइचिंग में दुनिया के सबसे बड़े खेल मेले यानी ओलंपिक-2008 का भी श्रीगणेश होना है। वर्ष 2001 में जब से चीन ने ओलंपिक की मेजबानी हासिल की है, तब से चीन […]
मंगलवार के बाद कैसी होगी जिंदगी?
कारोबारी जगत के ज्यादातर लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अगर मंगलवार को सरकार, संसद में विश्वास मत हासिल कर लेती है, वह आर्थिक सुधारों की गाड़ी तेजी से आगे बढ़ाएगी। उनकी यह उम्मीद इस हकीकत के बावजूद कायम है कि सरकार के पास अब छह-सात महीनों का वक्त बाकी है। इसके बाद आम चुनाव […]
रंग बदलती राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं देवड़ा
अगर आप मुल्क में 1960 से लेकर 1990 के शुरुआती सालों तक अपना कारोबार शुरू करना चाहते तो आपको कुछ मुहावरों की जानकारी रखनी ही पड़ती। मिसाल के तौर पर ‘आपका काम हो जाएगा’ के इस मुहावरे को ही ले लीजिए। यह मुहावरा आपको अक्सर सरकारी अफसरों के मुंह से ही सुनना पड़ता। लेकिन एक […]
चित भी मेरी, पट भी मेरी …और अंटा मेरे बाप का
यह सही है कि इतिहास बनाने में व्यक्तियों के कोई मायने नहीं होते और इसके पीछे बड़ी ताकतें काम करती हैं, जो पूरी प्रक्रिया और उसके परिणामों को निर्धारित करती हैं। वास्तव में सच्चाई यह है कि यह इस सिध्दांत की मार्क्सवादी व्याख्या है कि हरेक चीज के लिए भगवान जिम्मेदार है। स्पष्ट रूप से […]
गिरते रुपये से बढ़ा डेरिवेटिव्स सौदों में घाटा
जून तिमाही में रुपये में आई सात फीसदी गिरावट के कारण भारतीय कंपनियों में फॉरेक्स डेरिवेटिव्स के सौदों में ताजा घाटा दिखना शुरू हो गया है। पिछले हफ्ते एचसीएल के बयान के मुताबिक जून की तिमाही में उन्हें कुल 278-322 करोड़ का फॉरेक्स घाटा झेलना होगा, पिछले दो दिनों में ही तीन और कंपनियों ने […]
कोलगेट-खुशी की वजह
टूथपेस्ट कंपनी कोलगेट के जून तिमाही के परिणाम काफी संतोषजनक रहे। बाजार में 48 फीसदी हिस्सेदारी वाली इस कंपनी की टॉपलाइन ग्रोथ में 16.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 1,474 करोड़ की कोलगेट ने जून की तिमाही में 14 फीसदी ज्यादा राजस्व अर्जित किया। इसके अतिरिक्त जून की तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन एक […]
ज्यादा जोखिम उठा रहे हैं बैंक
बैंकों के कुल कर्जों में अनसिक्योर्ड लोन का अनुपात बढ़ने से बैंक अब ज्यादा जोखिम भरी हालत में दिख रहे हैं। पिछले पांच सालों में भारतीय बैंकों के अनसिक्योर्ड यानी असुरक्षित लोन का पोर्टफोलियो पांच गुना हो गया है। अब इस लोन की रकम कुल 5,07,266 करोड़ की हो गई है। जबकि कुल कर्ज में […]
