बना रहेगा सस्ती दवाओं का कॉपीकैट
भारत के दवा नियंत्रक (डीसीजीआई) की पेटेंट दवाओं के कॉपीकैट संस्करण केरोकथाम के लिए पेटेंट कार्यालय से सहयोग लेने की योजना पर पानी फिर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बौध्दिक संपदा के मामलों का प्रशासनिक नियंत्रण करने वाला वाणिज्य मंत्रालय दवाओं को संस्तुति देने की प्रक्रिया में पेटेंट कार्यालय का हस्तक्षेप नहीं चाहता है। […]
अब होगा एक आधार वर्ष
विभिन्न प्रकार के आर्थिक आंकड़ों को मापने के लिए सरकार वर्ष 2004-05 को आधार वर्ष बनाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य सांख्यिकीय तुलना को आसान बनाना और आंकड़े की जटिलताओं को कम करना है। अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र के लिए इसी आधार वर्ष का प्रयोग किया जाएगा।वर्तमान में औद्योगिक उत्पाद सूचकांक (आईआईपी) और थोक […]
मुश्किल में पंचेश्वर परियोजना
नेपाल में माओवादियों का सत्ता में आना तय होने के बाद उत्तराखंड में 6 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता वाली पंचेश्वर बिजली परियोजना का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। पंचेश्वर भारत की अब तक की सबसे बड़ी पन बिजली परियोजना है। उत्तराखंड में पन बिजली परियोजनाओं के विकास की काफी संभावनाएं हैं। राज्य […]
ई-संपर्क से जुडेंग़े पश्चिम बंगाल के सभी ब्लॉक
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख संस्था नेशनल इंफारमेशन सेंटर (एनआईसी) ने 2009 के अंत तक पश्चिम बंगाल के सभी 341 ब्लाकों को राज्यव्यापी क्षेत्रीय नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई है। एनआईसी केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए सॉफ्टवेयर विकास और कंम्पयूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। इस विभाग को वेबल टेक्नोलॉजी लिमिटेड की तरफ […]
सुनो किसानों ‘साधन’ की पुकार, सस्ते-मद्दे मोबाइल ले लो दो चार
मोबाइल क्रांति के इस युग में उत्तर प्रदेश के किसानों की पौ बारह होने वाली है। संसाधनों का टोटा झेल रही प्रदेश की साधन सहकारी समितियों को अब गांव में किसानों तक मोबाइल फोन पहुंचाने का काम सौंपा गया है। इंडियन फारर्मस फर्टिलाइजर्स कोऑपरेटिव (इफको) लिमिटेड ने किसानों को सस्ते दर पर हैंडसेट और मोबाइल […]
बिजली की मार से मप्र के कारोबारी बेहाल
पिपरिया शहर में दाल की पैदावार करने वाले दुआ दयाल बीते कई सालों से बिजली की समस्या से लड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले का पिपरिया शहर भारत में सबसे स्वादिष्ट दाल उत्पादक के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां उत्पन हुई बिजली की विकट समस्या ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। […]
बंद मिलों के चालू होने की जगी आस
कानपुर की फिजाओं में एक बार फिर मशीनों की घड़घड़ाहट तेज हो सकती है, थकी हारी चिमनियां एक बार फिर जीवंत हो सकती हैं। शहर की बंद पडी क़पड़ा मिलों को फिर से शुरू करने की कवायद जोर पकड़ने लगी है। कानपुर में ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन की बंद पड़ी फैक्टरी कानपुर टेक्सटाइल मिल (केटीएम) को […]
सुरमई अंखियों ने देखे हैं कुछ सपने
हम बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे एक उद्योग की चर्चा करने जा रहे हैं। उद्योग इतना बिखरा हुआ है कि उसके वार्षिक कारोबार का ठीक-ठीक अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है लेकिन असर ऐसा है कि अमेरिकी दवा और खाद्य प्रशासन (यूएसएफडीए) भी उसके पीछे पड़ा है। हम बात सुरमा या काजल उद्योग की […]
मुंबई के लाखों आशियानों को अदालत से मिली राहत
उपनगर मुंबई में रहने वाले लाखों फ्लैट मालिकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अस्थायी राहत दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज डेवलपरों की अपील पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। डेवलपरों ने जंगल भूमि पर एक हजार एकड़ में हजारों अपार्टमेंट बना दिए हैं, जिन्हें मुंबई नगर निगम ने अवैध करार दिया है। […]
ज्यादा खाने का हमको जो ताना देते हैं…
भारतीय और चीनियों की बढ़ती समृद्धि से अमेरिका की भौंहे तन गई है। दरअसल, भारतीय और चीनियों पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि खान-पान के स्तर सुधरने की वजह से ही दुनिया को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस बात को सबसे पहले हवा दी अमेरिका की विदेश मंत्री कोंडोलिजा […]
