बोआई बढ़ी, अब सस्ता होगा सूरजमुखी का तेल
देश में अब सूरजमुखी तेल की कमी दूर हो सकती है। क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इसके दाम बढ़ने से इस साल देश में भी किसानों ने ज्यादा सूरजमुखी की बोआई की है। जिससे देश में अधिक उत्पादन की संभावना के बीच रूस-यूक्रेन से सूरजमुखी तेल का आयात होने से इसकी कीमतों में आगे और […]
शहर नहीं बदलना तभी खरीदें घर
लंबे समय तक ठहराव के बाद रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने के बाद धीरे-धीरे मकान की कीमतें बढ़ने लगी है। जो लोग घर खरीदने का विचार कर रहे हैं, वह वर्तमान कीमतों पर पैसा लगाने का दबाव महसूस कर रहे है। साथ ही महंगाई घरेलू बजट को बढ़ा रही है। आवास ऋण पर ब्याज […]
बैंकों में जमा धन कितना सुरक्षित
रीपो रेट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर बैंकों के बीच भी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ब्याज दरों को बढ़ाने की होड़ सी लग गई है। इस बात की पूरी संभावना है कि बैंक आने वाले दिनों में जमा दरों को और बढ़ाएं। ऐसे में लोगों का फिक्स्ड डिपॉजिट की तरफ फिर से आकर्षित […]
मोदी का 2047 तक नारी शक्ति का प्रण, तय करना होगा लंबा रास्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर पांच प्रण लिए। इनमें से एक प्रण समानता विशेषकर महिलाओं की समानता से संबंधित था। इन पांच प्रणों का ध्येय स्वतंत्रता के 100वें साल 2047 तक स्वतंत्रता सेनानियों के ख्वाब को पूरा करना था। महिलाओं की समानता से संबंधित प्रण देश के समक्ष कई मोर्चों पर चुनौती खड़ी […]
कर्ज देने वाले डिजिटल ऐप के कदाचार पर लगाम कसने की तैयारी
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इन दिनों गूगल प्ले स्टोर के साथ बातचीत कर रहा है ताकि ऋण देने वाले डिजिटल ऐप के कदाचार को रोकने का तरीका खोजा जा सके। इससे जुड़े उपाय के विकल्पों में ऐप को उपयोगकर्ता के डेटा तक पहुंचने से रोकना भी शामिल हो सकता है। जानकार लोगों का कहना […]
आचार संहिता अभी तक अनिवार्य नहीं
दवा उद्योग में ‘मुफ्त में उपहार’ देने का रिवाज अपनी जड़ें गहरी जमा चुका है। कारोबार बढ़ाने के लिए मुफ्त में डिनर से लेकर दवाएं तक दी जाती हैं। बरसों से फल फूल रहे इस गोरखधंधे में दवा निर्माता कंपनियां डॉक्टरों को ‘उपहार’ देती हैं और इसके बदले में डॉक्टर संबंधित दवा कंपनी के ब्रांड […]
आज के दौर में सोशल मीडिया की ताकत
सोशल मीडिया ने सामाजिक मानदंडों को कुछ पीछे धकेलने का काम भी किया है। उदाहरण के तौर पर तैराकी को ही लें। तैराकी खुशी देने वाला और बेहद अच्छा व्यायाम है। 1850 के दशक में जब महिलाओं को इंगलैंड में बराबरी का अधिकार भी प्राप्त नहीं था तब भी विक्टोरिया दौर की महिलाओं के फैमिली […]
बिना अपराध के अपराधी ठहराना खतरनाक चलन
क्या आपको एचसी गुप्ता का नाम कुछ सुना हुआ सा नहीं लगता। यदि नहीं, तो तीन पहलुओं पर गौर कीजिए। एक यही कि आप अखबारों को ध्यान से नहीं पढ़ते। दूसरा, यह कि आपको इसकी कोई परवाह नहीं कि ईमानदार लोक सेवकों की क्या नियति हो, जबकि भ्रष्ट लोग बड़े आराम से बच निकल जाएं। […]
निवेशकों को इक्विटी फंडों में बने रहना चाहिए
यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी वेट्री सुब्रमण्यम ने पुनीत वाधवा के साथ बातचीत में कहा कि अपने ताजा निचले स्तरों से बाजार में तेजी आने के बाद वह निवेश से जुड़े रहने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि उनका मानना है कि बाजार में निश्चितता नहीं बल्कि संभावनाओं के साथ निवेश करने […]
नए संकेतक मददगार
महामारी के दौरान बहुत से विश्लेषकों और यहां तक कि नीति निर्माताओं ने भी अर्थव्यवस्था की स्थिति की बेहतर समझ के लिए गैर-परंपरागत उच्च बारंबारता (फ्रीक्वेंसी) वाले संकेतकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लंबी अवधि के आंकड़ों के अभाव को मद्देनजर रखते हुए तात्कालिक सकल घरेलू उत्पाद जैसे ज्यादा परंपरागत मापकों को दर्शाने […]
