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अंतरिम बजट में बड़ी घोषणा नहीं! वित्त मंत्री ने कहा- फरवरी में चुनाव से पहले पेश किया जाएगा लेखानुदान

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सीतारमण ने कहा कि सरकार जो बजट पेश करेगी वह सिर्फ तब तक के लिए जरूरी खर्चों को पूरा करने को लेकर होगा जब तक कोई नई सरकार नहीं बन जाती।

Last Updated- December 14, 2023 | 1:42 PM IST
No major announcement in the interim budget! Finance Minister said- Vote on Account will be presented before the elections in February

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले साल फरवरी में पेश किए जाने वाले बजट में किसी भी बड़ी घोषणा की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह आम चुनाव से पहले पेश होने वाला अंत​रिम बजट होगा।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा, ‘मैं कुछ अलग नहीं करने जा रही हूं। यह तथ्य है कि 1 फरवरी, 2024 को जो बजट घोषित किया जाएगा वह लेखानुदान (vote on account)होगा क्योंकि हम चुनाव की तैयारी में होंगे और आम चुनाव अगले साल गर्मियों में होंगे। इसीलिए सरकार जो बजट पेश करेगी वह सिर्फ तब तक के लिए जरूरी खर्चों को पूरा करने को लेकर होगा जब तक कोई नई सरकार नहीं बन जाती। इसलिए अंतरिम बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं की जाएगी। आपको नई सरकार के आने तथा जुलाई, 2024 में पेश होने वाले पूर्ण बजट तक इंतजार करना होगा।’

लेखानुदान विशेष प्रावधान होता है जिसके तहत सरकार नई सरकार द्वारा पूर्ण बजट पेश किए जाने तक आवश्यक खर्चों के लिए संसद से मंजूरी लेती है। हालांकि अतीत में कई सरकारें लेखानुदान के दौरान प्रमुख नीतिगत घोषणाएं करने से बचती रही हैं लेकिन इस पर कोई संवैधानिक रोक नहीं है और इसके अपवाद भी मौजूद हैं।

वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने 2019 में अंतरिम बजट पेश किया था और उस समय किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान नि​धि की घोषणा की गई थी और मध्यवर्ग के लिए आयकर में कुछ रियायतें भी दी गई थीं।

सीतारमण ने कहा कि विकसित देशों द्वारा अपनी हरित प्रतिबद्धताओं के लिए कोष हेतु सीमा समायोजन कर लगाने का कदम नैतिक नहीं है और यह विकासशील देशों की चिंता के ​विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि विकसित देशों का कर कुछ इस तरह का है कि मैं अपने उद्योग को हरित बनाना चाहता हूं इसलिए मैं आप पर कुछ कर लगाऊंगा क्योंकि आप गैर-हरित उत्पाद लाते हैं और कर के इस पैसे से मैं हरित उद्योग बनाऊंगा – सीमा समायोजन कर का तर्क ग्लोबल साउथ की चिंता के विरुद्ध है।’

सीतारमण ने यह टिप्पणी यूरोपीय संघ की घोषणा पर की जिसनेकुछ क्षेत्रों के आयात पर कार्बन कर लगाने की बात कही है। कार्बन सीमा समायोजन प्रणाली 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी लेकिन इस साल 1 अक्टूबर से कार्बन उत्सर्जन करने वाले क्षेत्रों जैसे स्टील, एल्युमीनियम, उर्वरक और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की घरेलू कंपनियों को यूरोपीय संघ के साथ कार्बन उत्सर्जन डेटा साझा करना अनिवार्य हो गया है।

देर शाम राज्य सभा देश की अर्थव्यवस्था पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की आ​र्थिक वृद्धि को सभी क्षेत्रों से दम मिल रहा है और देश ने सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था का दर्जा बरकरार रखा है।

सीतारमण ने कहा कि डॉलर में मजबूती के बावजूद भारतीय रुपया ​स्थिर बना हुआ है और ऐसा भारतीय अर्थव्यवस्था और मजबूत बुनियाद के बिना संभव नहीं है।

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First Published - December 7, 2023 | 9:48 PM IST

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