अक्टूबर में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। खासकर उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल में इस महीने की शुरुआत से लगातार बारिश हो रही है। देर से हुई बारिश से खरीफ की खरीफ फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे खेत का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है।
इससे धान, बाजरा, मक्का, पहले बोए गए आलू, सोयाबीन और गन्ने की पैदावार में गिरवाट की आशंका है। हालांकि, बारिश थमने के बाद और खेत से पानी कम होने पर ही नुकसान का स्पष्ट आकलन किया जा सकता है।
गन्ना के मामले में भी, किसानों ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है वहां पैदावार में कुछ कमी आ सकती है। बारिश से फसल में देरी होने की भी उम्मीद है, जो आगामी रबी बोआई के मौसम के लिए एक वरदान के रूप में आ सकती है, मुख्य रूप से सरसों और गेहूं जैसी फसलों के लिए, क्योंकि मिट्टी में अच्छी अवशिष्ट नमी है।
खुशखबरी है कि बारिश तीव्रता अब कम होने लगेगी और मौसम साफ होगा। यह उत्तर और मध्य भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बहुत देरी से वापसी को भी चिह्नित करेगा। भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4-5 दिनों में मॉनसून उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों से वापस चला जाएगा।