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रॉयल्टी कानून में संशोधन को मंजूरी

Last Updated- December 11, 2022 | 8:49 PM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कुछ खनिजों के संबंध में रॉयल्टी की दर स्पष्ट करने के लिए खान और खनिज (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन को मंजूरी दे दी।
इससे इन खनिजों के भंडार की नीलामी का रास्ता साफ होगा। मंत्रिमंडल की बैठक में ग्लूकोनाइट, पोटाश, एमराल्ड, प्लैटिनम समूह की धातुओं (पीजीएम), एंडेलूसाइट, सिलिमाइट और मॉलिब्डेनम जैसे कुछ खनिजों के संबंध में रॉयल्टी की दर स्पष्ट करने के लिए खान और खनिज (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 1957 की दूसरी अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी गई। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, मंत्रिमंडल की इस मंजूरी से इन खनिजों के भंडार की नीलामी हो पाएगी। इससे इन खनिजों का आयात घटेगा और साथ ही खनन क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इस मंजूरी से अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी इन खनिजों के आयात का घरेलू विकल्प भी तैयार होगा। इस तरह मूल्यवान विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इन खनिजों के स्थानीय उत्पादन से दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी। खनिज रियायतों के नए दौर में आगे बढऩे के लिए इस अधिनियम में वर्ष 2015 में संशोधन किया गया था। देश की खनिज संपदा के आवंटन में पारदर्शिता और भेदभाव-रहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए नीलामी का तरीका अपनाया गया था। खनिज क्षेत्र में और तेजी लाने के लिए इस अधिनियम को वर्ष 2021 में फिर संशोधित किया गया। इस दौरान सरकार ने खनिज भंडार की नीलामी को बढ़ावा दिया।    

First Published - March 9, 2022 | 11:43 PM IST

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