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प्राकृतिक कृषि उत्पादों के लिए निर्यात मानक बनाएगा एपीडा

Last Updated- December 11, 2022 | 9:20 PM IST

केंद्रीय बजट में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती पर जोर को देखते हुए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति अधिसूचित की है। यह समिति प्राकृतिक कृषि उत्पादों के निर्यात मानक विकसित करेगी, जिसमें जीरो बजट नैचुरल फॉर्मिंग जैसे तरीकों पर विचार होगा।
यह समिति फसल तैयार होने के पहले और बाद की बेहतरीन गतिविधियों, प्रामाणिक आपूर्ति शृंखला और निर्यात संवर्धन व पौध व पशु आधारित प्राकृतिक उत्पादोंं पर विचार करेगी।
एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक पौध व पशु आधारित प्राकृतिक उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण और फसल तैयार होने के बाद की तकनीकों, पैकेजिंग और लेबलिंग व बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मसलों से निपटने के लिए एक अलग उपसमूह का गठन किया गया है।
अपने हाल के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा और पहला ध्यान गंगा के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसानों पर होगा। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में बदलाव पर भी जोर देगी, जिससे प्राकृतिक, शून्य बजट और ऑर्गेनिक फार्मिंग, आधुनिक कृषि, मूल्यवर्धन और प्रबंधन को बढ़ावा मिल सके।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक खेती, ऑर्गेनिक खेती से अलग है। प्राकृतिक खेती में सभी प्राकृतिक चीजों मिट्टी, पानी, वायु और पूरे इकोस्टिम पर जोर होता है, जबकि दूसरे में मिट्टी में रसायन मुक्त तत्वों के इस्तेमाल पर जोर होता है।

First Published - February 9, 2022 | 11:19 PM IST

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