इस साल जनवरी से अभी तक आलू की कीमतों में लगभग 150 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साथ ही पहली बार देखने को मिल रहा है कि हाजिर बाजार और वायदा बाजार में आलू की कीमतों में लगभग 250 रुपये का अंतर है। जिसके चलते हाजिर बाजार में एक बार फिर से सटोरिये सक्रिय हो गए हैं।
सटोरियों के सक्रिय होने से अगले एक दो महीने के अंदर आलू की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि इस बात को गंभीरता से लेते हुए वायदा बाजार आयोग ने कमोडिटी एक्सचेंजों से कीमतों में हो रहे भारी अंतर का कारण पूछा है।
साल की शुरुआत आलू की फसल के लिए अच्छी नहीं रही थी। प्रमुख उत्पादक राज्यों में आलू को 200 रुपये प्रति क्विंटल भी कोई खरीदार नहीं मिल रहा था। लेकिन तीन महीने के बाद ही आलू की कीमत थोक बाजार में 700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। हालांकि हाजिर बाजार में आलू की इस कीमत को अच्छा ही कहा जा सकता है लेकिन चौंकाने वाली बात हाजिर और वायदा की कीमतों में भारी अंतर है।
आगरा के आलू कारोबारी एवं कोल्ड स्टोर्स के मालिक रितेश अग्रवाल कहते हैं कि आमतौर पर वायदा और हाजिर बाजार की कीमतों में 20-25 रुपये का अंतर रहता है लेकिन पहली बार कीमतों में इतना अंतर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते हाजिर बाजार में सटोरिये सक्रिय हो गए हैं। अग्रवाल के अनुसार आगरा में इस समय अच्छा से अच्छा आलू 660-680 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है जबकि एमसीएक्स में मई अनुबंध में आलू की कीमत 900 रुपये के ऊपर है।
आलू की कीमतों में इस अंतर पर शेयरखान कमोडिटी के कमोडिटी रिसर्च हेड मेहुल अग्रवाल कहते हैं कि इसकी वजह बाजार में चल रही सट्टेबाजी है। उनके अनुसार इस समय घरेलू मांग काफी कम जबकि पर्याप्त मात्रा में आलू का स्टॉक मौजूद है। मेहुल कहते है कि हेजिंग चालू हो गई है और कुछ एक्सचेंज डिलीवरी भी नहीं ले रहे हैं जिसको देखते हुए कहा जा सकता है कि आलू की कीमतों में खास फर्क नहीं आना चाहिए।
वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) ने एग्री कमोडिटी की तेजी पर कमोडिटी एक्सचेंजों से जानकारी मांगी है। एफएमसी के चेयरमैन बीसी खटुआ कहते हैं कि हाजिर बाजार में आज आलू का भाव 650-700 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। यह भाव मेरे हिसाब से ज्यादा नहीं है लेकिन जहां तक वायदा का सवाल है तो वायदा में कीमत थोड़ी ज्यादा लग रही है।’
दाम बेलगाम
सटोरियों की निगाह टिक गई आलू पर
जनवरी से अभी तक कीमत में 150 फीसदी का इजाफा
हाजिर और वायदा बाजार में दाम में 250 रुपये का फर्क
साल की शुरुआत में आलू को नहीं मिले खरीदार
लेकिन आज थोक बाजार में दाम 700 रुपये प्रति क्विंटल
एमसीएक्स ने शुरू कर दिया 10 कृषि जिंसों में वायदा अनुबंध
देश के अग्रणी जिंस एक्सचेंज एमसीएक्स ने कच्चे पाम ऑयल, मेंथा तेल और आलू सहित 10 कृषि जिंसों में वायदा अनुबंधों की पेशकश की है। एमसीएक्स ने एक परिपत्र में बताया कि काजू, गरी, धनिया, कच्चे पाम ऑयल, जीरा, मक्का, मेंथा तेल, आलू, लाल मिर्च, रबड़ और तिल में वायदा अनुबंध लागू हो गया है। इसके मुताबिक कृषि वायदा अनुबंधों की परिपक्वता जून-जुलाई और अगस्त में होगी।