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वाणिज्यिक एलपीजी और महंगी

Last Updated- December 11, 2022 | 11:07 PM IST

व्यावसायिक इस्तेमाल में काम आने वाले एलपीजी सिलिंडर (19 किलोग्राम) का दाम 100 रुपये (प्रति सिलिंडर) तक बढ़ गया है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 1 दिसंबर  से प्रति सिलिंडर 2,101 रुपये हो गई है। इस तरह, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर का दाम अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले जनवरी 2014 में इसकी कीमत 2013.50 रुपये प्रति सिलिंडर थी। पूरे देश में इसी अनुपात में दाम बढ़ाए गए हैं।  
प्रति किलोग्राम के भाव से अब दिल्ली में व्यावसायिक एलपीजी 111 रुपये प्रति किलोग्राम में मिल रहा है। जून 2021 से व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर की कीमत 1,473.50 रुपये से धीरे-धीरे बढ़ रही थी। इस महीने बेची गई एलपीजी गैस अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव 489.21 डॉलर प्रति टन की दर से खरीदी गई थी। अब यह मानक मूल्य बढ़कर 841.33 डॉलर प्रति टन हो गया है जिससे भारत में एलपीजी के दाम बढ़ गए हैं। भारत में एलपीजी गैस की कुल जरूरत का आधा हिस्सा बाहर से आयात करता है। सऊदी अरब की कंपनी अरामको भी पिछले चार वर्षों से इसी कीमत पर भारत को एलपीजी बेच रही है। हालांकि कीमतों में भारी-उतार चढ़ाव के बावजूद रसोई गैस सिलिंडरों की कीमतें स्थिर रही हैं। जून 2021 में 14.2 किलोग्राम वाला रसोई गैस सिलिंडर 809 रुपये प्रति सिलिंडर बिक रहा था। सितंबर 2021 में इसका दाम बढ़कर 884.50 रुपये हो गया और तब से कीमतें नहीं बढ़ी हैं।
कीमतें कम होने से तेल विपणन कंपनियों की कमाई पर असर हुआ है। सरकार ने खस्ताहाल राजकोषीय स्थिति का हवाला देकर 2021-22 में एलपीजी सब्सिडी नहीं दे रही है। हालांकि दूर-दराज इलाकों में सरकार रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने पर सब्सिडी जारी है।
एलपीजी डीलरों के अनुसार रसोई गैस सिलिंडरों की बिक्री से हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए तेल विपणन कंपिनयां व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की बिक्री पर अधिक जोर दे रही हैं। मगर व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की बिक्री कम रहने से इन कंपनियों को कोई खास फायदा नहीं हो रही है।
1 जुलाई 2021 तक देश में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों के केवल 34.1 लाख उपभोक्ता थे। यह संख्या कुल रसोई गैस सिलिंडरों के कुल 29.11 करोड़ लोगों की तुलना में काफी कम थी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने राज्य सभा में लिखित जवाब में बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने अप्रैल-सितंबर 2021 के दौरान प्रति दिन 47.4 लाख घरेलू और 2.90 लाख व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की बिक्री की। रसोई गैस सिलिंडर की बढ़ती मांग का सीधा मतलब है कि तेल विपणन कंपनियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अक्टूबर 2021 में उन्हें प्रति सिलिंडर 100 रुपये का नुकसान हो रहा था। रसोई गैस सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है मगर व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कीमत 6 अक्टूबर को 1,734 रुपये थी जो अब अधिक हो गई है। एक देसी रेटिंग्स एजेंसी के विश्लेषक ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘तेल विपणन कंपनियों को रसोई गैस सिलिंडर पर निश्चित तौर पर नुकसान हो रहा है जो अब बढ़कर 100 रुपये (प्रति सिलिंडर) से अधिक हो गया है।’  

First Published - December 2, 2021 | 12:15 AM IST

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