भारत में 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2021-22 सत्र में कपास का उत्पादन 348.1 लाख गांठ रहने की संभावा है, जो पहले के अनुमान की तुलना में 3.3 प्रतिशत कम है। कॉटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारी बारिश की वजह से फसल को नुकसान पहुंचा है। उत्पादन में कमी की वजह से भारत से कपास का निर्यात घट सकता है और अमेरिका, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रतिस्पर्धी इसका लाभ उठाते हुए चीन और पाकिस्तान जैसे प्रमुख खरीदारों को आपूर्ति बढ़ा सकते हैं। चालू विपणन वर्ष में व्यापार संगठन ने भारत में खपत मांग 3 प्रतिशत बढ़ाकर 345 लाख गांठ कर दी है। सीएआई के अध्यक्ष अतुल गणात्रा ने कहा कि ज्यादा मांग व कम उत्पादन से चालू सत्र के अंत में भंडारण घटकर 45 लाख गांठ रह सकता है, जो एक साल पहले 75 लाख गांठ था।