facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

बिनौला तेल का उत्पादन 6.35 प्रतिशत बढ़ा

Last Updated- December 10, 2022 | 8:32 PM IST

भारत में बिनौला के तेल का उत्पादन 6.35 प्रतिशत बढ़कर 2008-09 में 13.4 लाख टन हो गया, जबकि पिछले साल का कुल उत्पादन 12.6 लाख टन था।
कपास के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी जारी है, इसी अनुपात में पिछले तीन साल से बिनौला तेल का उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। बिनौला तेल देश के तेल उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है।
आल इंडिया कॉटनसीड क्रशर्स एसोसिएशन के मुताबिक अभी भी बिनौला तेल को खाद्य तेल के रूप में पहचान नहीं हासिल हुई है। इसका महत्व इसलिए और बढ़ जाता है कि वर्ष 2007-08 के दौरान भारत को 5.6 लाख टन खाद्य तेल का आयात करना पड़ा था।
वर्तमान में कपास बीज (बिनौले) का प्रयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। इसकी बुआई का मुख्य उद्देश्य तेल के लिए प्रसंस्करण और अन्य उप उत्पाद जैसे खली आदि तैयार किया जाता है। बिनौला तेल एजेंसियों का कहना है कि अगर आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक का प्रयोग किया जाए, तो मौजूदा कच्चे माल से ही उत्पादन 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।

First Published - March 18, 2009 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट