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कच्चे तेल के दाम ने 139 डॉलर को छुआ

Last Updated- December 11, 2022 | 8:52 PM IST

बाजार में आपूर्ति किल्लत के बीच सोमवार को तेल कीमतें वर्ष 2008 के बाद से अपने सर्वाधिक ऊंचे स्तरों पर पहुंच गईं, क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देशों ने रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा की है और वैश्विक बाजारों के लिए ईरानी कच्चे तेल की जल्द वापसी के लिए संभावना कम हो गई हैं।
कारोबार के पहले कुछ मिनटों में कच्चा तेल 139.13 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टैक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 130.50 डॉलर पर पहुंच गया था। ये दोनों बेंचमार्क जुलाई 2008 से अपने ऊंचाई पर पहुंचे हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्घि की चिंताओं के बीच अन्य जिंसों के साथ साथ वैश्विक तेल कीमतें 2022 की शुरुआत के बाद से करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी हैं। दुनिया की नंबर-2 अर्थव्यवस्था चीन इस साल पहले ही 5.5 प्रतिशत की धीमी वृद्घि का लक्ष्य लेकर चल रहा है। अमेरिकी मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को कहा कि अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देश रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध की संभावना तलाश रहे थे, वहीं व्हाइट हाउस अमेरिकी प्रतिबंध के संबंध में विभिन्न समितियों के साथ बातचीत कर रहा था।
यूबीएस में जिंस विश्लेषक जियोवानी स्टाउनोवो ने कहा, ‘हम 125 डॉलर प्रति बैरल को ब्रेंट क्रूड ऑयल के लिए अपना अल्पावधि लक्ष्य मान रहे हैं, हालांकि बदतर स्थिति लंबे समय तक बने रहने पर कीमतें और बभी चढ़ सकती हैं।’ उन्होंने कहा कि युद्घे लंबे समय तक चलने की स्थिति में ब्रेंट 150 डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर भी जा सकता है।
रूस कच्चे तेल और तेल उत्पादों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक है और उसका कुल वैश्विक आपूर्ति में करीब 7 प्रतिशत का योगदान है। वहीं विश्लेषकों का कहना है कि परमाणु सौदा होने के बाद भी ईरान को तेल प्रवाह फिर से बहाल करने में कई महीने का समय लगेगा।

गैसोलिन की कीमतों में उछाल
नियमित गैसोलिन की कीमतें रविवार को 2008 के बाद से पहली बार अमेरिका में औसत तौर पर 4 डॉलर प्रति गैलन (3.8 लीटर) पर पहुंच गईं। एएए मोटर क्लब के अनुसार, यूक्रेन पर रूसी हमले के पहले पूरे सप्ताह के दौरान गैस की कीमत करीब 41 सेंट तक चढ़ गई। गैसबड्डी की खबर में कहा गया कि यह सप्ताह में औसत राष्ट्रीय कीमत में दूसरी सबसे बड़ी तेजी थी। गैसबड्डी के लिए पेट्रोलियम विश्लेषण के प्रमुख पैट्रिक डी हान ने एक बयान में कहा, ‘यदि यूक्रेन पर रूस का हमला बरकरार रहता है और हम ऐसी स्थिति में फंसते हैं जिसमें गैस कीमतें अक्सर बढ़ती हैं तो अमेरिकियों को पहले की तुलना में गैस के लिए ज्यादा जेब ढीली करने के लिए तैयार रहना होगा।’
औसत गैसोलिन कीमतों के लिए सर्वाधिक ऊंचा स्तर 17 जुलाई , 2008 में 4.10 डॉलर प्रति गैलन का था।

First Published - March 7, 2022 | 11:18 PM IST

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