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संघर्ष बढ़ने के भय से कच्चे तेल में 4% की उछाल, कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पार

पिछले सत्र में हुई गिरावट से उबरते हुए पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की आशंकाओं ने आपूर्ति में और रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ा दीं

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एजेंसियां   
Last Updated- March 26, 2026 | 9:58 PM IST

तेल की कीमतों में गुरुवार को करीब 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पिछले सत्र में हुई गिरावट से उबरते हुए पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की आशंकाओं ने आपूर्ति में और रुकावटों को लेकर चिंता बढ़ा दीं। ब्रेंट फ़्यूचर्स 4.77 डॉलर यानी 4.7 फीसदी बढ़कर 106.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले सत्र के दौरान कीमतें 107.84 डॉलर के उच्चतम स्तर तक भी पहुंची थीं।

अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड वायदा 3.74 डॉलर यानी 4.1 फीसदी बढ़कर 94.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया जबकि यह 94.84 डॉलर तक ऊपर गया था। बुधवार को दोनों बेंचमार्क 2 फीसदी से ज्यादा गिर गए थे।

यूबीएस के विश्लेषक जियोवानी स्टोनोवो ने कहा, अभी चिंता इस बात की है कि संघर्ष और बढ़ सकता है और होर्मुज स्ट्रेट से होने वाला आवागमन लंबे समय तक बाधित रह सकता है। उधर, ईरान के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा था कि ईरान युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत करने का उसका कोई इरादा नहीं है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अगर तेहरान यह मानने में नाकाम रहता है कि उसका देश फौजी के तौर पर हार चुका है तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर और भी जोरदार हमला करेंगे। सूत्रों ने बताया कि पेंटागन खाड़ी क्षेत्र में हज़ारों हवाई सैनिकों को भेजने की योजना बना रहा है ताकि ट्रंप को जमीनी हमले के लिए और भी ज्यादा विकल्प मिल सकें। ये सैनिक उन दो मरीन टुकड़ियों के अलावा होंगे, जो पहले से ही रास्ते में हैं।

First Published : March 26, 2026 | 9:45 PM IST