बारिश के कारण मक्के की नई फसल आने में देरी हो सकती है। जिससे इसकी कीमतों में भी आगे तेजी जारी रह सकती है। कम स्टॉक के बीच मजबूत मांग के सहारे मक्के की कीमतों में इजाफा हो रहा है। कारोबारियों के मुताबिक इसकी कीमतों में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी और आ सकती है। इस बीच, खरीफ सीजन में मक्के की बुआई में हल्की वृद्धि हुई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक खरीफ सीजन में अब तक 80.19 लाख हैक्टेयर में मक्के की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में 79 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से थोड़ी ज्यादा है। खरीफ में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में प्रमुख रूप से मक्के की खेती होती है।
मक्का कारोबारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि रबी में मक्के की पैदावार कम होने से इस समय इसका स्टॉक कम है, जबकि मांग मजबूत बनी हुई है। जिससे मक्का महंगा बिक रहा है। पिछले साल के मुकाबले मक्का 400 से 500 रुपये क्विंटल तेज है। महाराष्ट्र के मक्का कारोबारी दिनेश मूंदड़ा कहते हैं कि महीने भर में मक्के के दाम 200 रुपये बढ़कर 2,700—2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं। ओरिगो ई—मंडी के सहायक महाप्रबंधक (जिंस—शोध) तरूण सत्संगी ने कहा कि रबी सीजन में मक्के के प्रमुख उत्पादक राज्य बिहार में इसकी फसल कमजोर थी। साथ गुणवत्ता भी कमजोर थी। जिससे इस साल खासकर अच्छी गुणवत्ता के मक्के दाम काफी ज्यादा है। बिहार में मक्के की आवक लगातार घट रही है। जून में आवक करीब 15.88 लाख बोरी (65 किलो) किलो थी, जो जुलाई में घटकर 5.80 लाख बोरी रह गई। अगस्त में अब तक करीब 2.60 लाख बोरी मक्के की आवक हुई है। कम आवक के बीच पोल्ट्री फीड में मक्के की मांग अच्छी है। जिससे कीमतों में तेजी को सहारा मिल रहा है।
बारिश से नई फसल में देरी, और चढेंगे दाम
सत्संगी कहते हैं कि मक्का उत्पादक इलाकों में लगातार बारिश से मक्के के खेतों में पानी भरने से नमी ज्यादा है। जिससे मक्के की नई फसल आने में 15 से 20 दिन की देरी हो सकती है। मध्य अक्टूबर तक आने वाली नई फसल अक्टूबर अंत या नवंबर के शुरुआत में आने की संभावना है। इस देरी के बीच स्टॉक पहले से ही कम हैं। ऐसे में नई फसल आने तक 150 रुपये प्रति क्विंटल तक दाम बढ़ सकते हैं। बिहार में जो मक्का अभी 2,550 रुपये बिक रहा है, वह 2,700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक सकता है। मदनलाल के मुताबिक भी मक्के के दाम 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल चढ सकते हैं। अग्रवाल का आगे मक्के की कीमतों में बारे में कहना है कि चूंकि मक्के के दाम काफी ज्यादा बढ़ चुके हैं। ऐसे में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल नहीं है। लेकिन कम स्टॉक और कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश से फसल में देरी के कारण कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना है।