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बाजार से जल्द गायब हो जाएगा दशहरी

Last Updated- December 11, 2022 | 6:07 PM IST

मॉनसून में देरी और जबरदस्त गर्मी के कारण आमों का राजा दशहरी खास बन कर रह गया है। उत्तर प्रदेश के दशहरी आम का सीजन न केवल कम दिनों का रह गया है बल्कि कीमतें भी रिकॉर्ड तेजी पर हैं। इस बार दशहरी आम बाजार से पहले के मुकाबले 15 दिन पहले ही गायब हो जाएगा।
बागवानों के मुताबिक इस बार जून के आखिर तक दशहरी बाजार से गायब हो जाएगा। सामान्य तौर पर दशहरी बाजार में 1 जून से लेकर 15 जुलाई तक उपलब्ध होता है। बारिश न होने से दशहरी डाल पर ही खराब होने लगा है और इसकी तोड़ाई का काम तेज हो गया है।
आम कारोबारियों का कहना है कि बीते दस वर्षों में पहली बार दशहरी की कीमतें इतनी तेज हैं और आने वाले दिनों में भी इनके कम होने के आसार नहीं हैं। उनके मुताबिक कीट का असर न होने से दशहरी आकार में बड़ा और उम्दा किस्म का आ रहा है लेकिन बाजार की मांग के मुताबिक उत्पादन खासा कम है। इस बार सीजन के पीक में भी खुले बाजार में अच्छी किस्म के दशहरी की कीमत 60 से 80 रुपये के बीच चल रही है जबकि निर्यात के लिए ऑर्डर 100 रुपये किलो या उससे अ​धिक दाम पर लिए जा रहे हैं।
मलिहाबाद की नफीस नर्सरी के शबीहुल हसन बताते हैं कि गर्मी और कीटों की मार से बचे दशहरी का आकार शुरू में अच्छा रहा और कीमत भी बढ़िया मिली मगर बाद में बारिश न होने से होने पीक सीजन में आकार भी बिगड़ा और जल्दी ही खत्म होने लगा। हसन कहते हैं कि बीते दो वर्षों के मुकाबले इस बार मई के आखिरी हफ्ते से ही दशहरी मुंबई दिल्ली जाने लगा और खाड़ी देशों के अलावा थाईलैंड भी भेजा गया है।
सामान्य वर्षों में प्रदेश से आम का सालाना कारोबार 2,400-2,500 करोड़ रुपये का रहता था जो बीते साल कोरोना की भेंट चढ़ने से 800 से 1,000 करोड़ रुपये के बीच ही रह गया था। इस बार हालांकि पैदावार में 30 से 40 फीसदी की गिरावट है पर दाम अच्छे मिले हैं तो कुल कारोबार ठीक ही रहेगा।

First Published - June 22, 2022 | 12:22 AM IST

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