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कपड़ा बाजार की त्योहारी रौनक पर बारिश का ग्रहण

Last Updated- December 11, 2022 | 1:35 PM IST

महामारी के भय से पूरी तरह आजाद ग्राहक जमकर दिवाली खरीदारी करने के मूड में है। कपड़ा बाजार में भी बेहतरीन ग्राहकी देखने को मिल रही है लेकिन देश के कई हिस्सों में हो रही लगातार बारिश से दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। बारिश के चलते दुकानदार नया माल खरीदने से भी बच रहे हैं। हालांकि कपड़ा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार कपड़ों की बिक्री पिछले साल की अपेक्षा 25 फीसदी अधिक होगी। 

दिवाली सीजन शुरू होने से पहले रुई और यार्न की कीमतों में गिरावट ने कपड़ा बाजार को चमकने का बेहतरीन मौका दिया ।रुई के दाम करीब एक लाख रुपये प्रति कैंडी तक पहुंचने के बाद इस समय 70 हजार रुपये प्रति कैंडी के आसपास चल रहे हैं। इस बार बाजार में ग्राहकों का रुझान भी अच्छा है।
ग्राहकों को रिझाने के लिए बाजार में एक से बढ़कर एक ऑफर देखने को मिल रहे है इसके बावजूद कपड़ा कारोबार में वह रौनक नहीं आ पाई जिसकी कारोबारी उम्मीद कर रहे थे। कपड़ा कारोबारियों की सबसे बड़ी संस्था भारत मर्चेट चेंबर के ट्रस्टी एवं राज फैब्रीक के संचालक राजीव सिंगल कहते हैं कि इस बार बिक्री 25 फीसदी अधिक होने का अनुमान है लेकिन बारिश के कारण बिक्री उम्मीद से काफी कम हुई। जबकि थोक बाजार में कपड़े की कीमत पिछले साल की अपेक्षा 10 फीसदी कम है। 

कपास और यार्न की कीमतों में गिरावट की वजह से थोक बाजार में कपड़ा के दाम कम हुए है हालांकि रिटेल (खुदरा) में कीमतें ज्यादा हैं। थोक कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में हुए बदलाव का असर खुदरा बाजार में पड़ने में समय लगता है कपड़े की कीमत भले ही कम हुई लेकिन दूसरी तरफ महंगाई होने के कारण रिटलेर्स की लागत बढ़ जाती है जिसके कारण ग्राहकों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
सती टेक्सटाइल मिल के मालिक शिवप्रकाश केडिया कहते हैं कि ग्राहक और दुकानदार दोनों के मन से कोरोना का भय निकल गया जिसके कारण से बाजार में मांग बहुत अच्छी हुई लेकिन लगातार हो रही बारिश कारोबार में बाधक बन गई। बारिश और मंदी की आशंका के कारण दुकानदार फिलहाल नया माल खरीदने से बच रहे हैं । केडिया कहते हैं कि पिछले कुछ महीनों में थोक बाजार में रुई की कीमतें 10-15 फीसदी कम हुई है हालांकि रिटेल बाजार में ग्राहकों को इसका फायदा नहीं मिल पाया जिसके कारण ग्राहकों को कीमतें पिछले साल की अपेक्षा थोड़ी ज्यादा लग रही हैं।

कपड़ा कारोबारियों के प्रमुख संगठन भारत मर्चेंट चेंबर के अध्यक्ष विजय कुमार लोहिया कहते हैं कि मॉनसून सीजन खत्म होने के बाद भी लगातार हो रही बारिश ने कारोबार को प्रभावित किया है। बारिश के बावजूद उम्मीद है कि अंतिम दिनों में खुदरा कारोबारियों की बिक्री बढ़ेगी और अनुमान के मुताबिक कारोबार होगा। मंदी का भय सबको सता रहा है जिसके कारण दुकानदार नया स्टॉक लेने से बच रहे हैं। तीन चार महीना पहले जो माल खरीदा है दुकानदार उसको निकलाने में लगे हैं। मंदी के भय और दुकानदारों के रुझान में आए बदलाव के कारण बाजार में एक बार फिर से पैसा फंसना शुरु हो गया है। कपड़ा कारोबार के जानकारों का कहना है कि पूरे उद्योग की बात करें तो बेहतरीन कारोबार हो रहा है। ग्राहकी का तरीका थोड़ा बदल गया है कोरोना के बाद लोग ऑनलाइन को प्राथमिकता देने लगे हैं जिसका असर दुकानों पर पड़ रहा है। 

कपड़ा कारोबारी संदीप दोषी कहते हैं कि ऑनलाइन रिटेलर्स दिवाली के बेहतरीन ऑफर दे रहे हैं। आज सबसे ज्यादा खरीदारी युवा वर्ग कर रहा है और वह ऑनलाइन खरीदारी को ज्यादा पसंद कर रहा है जिसके कारण रिटेल में ऑफलाइन का कारोबार कम हो रहा है तो ऑनलाइन में तेजी से बढ़ा है। दोषी कहते हैं कि मुंबई और आस पास के इलाकों में हर दिन शाम को बारिश  हो जा रही है जिसके कारण भी लोग दुकानों में जाने से बच रहे हैं और ऑनलाइन खरीदारी जमकर कर रहे हैं ।

First Published - October 18, 2022 | 7:29 PM IST

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