अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी से देसी बाजार में भी खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट जारी है। जिससे उपभोक्ताओं को खाद्य तेलों की महंगाई से राहत मिली है। कारोबारियों के मुताबिक सप्ताह भर में खाद्य तेलों के दाम 3 से 10 रुपये प्रति किलो घट चुके हैं। आने वाले दिनों में भी खाद्य तेलों की कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है।
सप्ताह भर में आयातित तेलों में आरबीडी पामोलीन तेल के थोक भाव 125 रुपये से घटकर 115 रुपये, कच्चे पाम तेल के दाम 112 रुपये से घटकर 103 रुपये लीटर रह गए हैं। देसी तेलों में सोया रिफाइंड तेल के दाम 5 रुपये घटकर 125 रुपये, सरसों तेल के दाम 5 रुपये घटकर 140 रुपये प्रति लीटर रह गए हैं। इस दौरान सूरजमुखी तेल 172 रुपये से घटकर 168 रुपये लीटर बिक रहा है। हालांकि मूंगफली तेल के दाम 5 फीसदी बढ़कर 175 रुपये लीटर हो गए।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार खुदरा बाजार में डिब्बाबंद (packed) सरसों तेल 172.29 रुपये, सोयारिफाइंड तेल 154.63 रुपये, सूरजमुखी तेल 176.17 रुपये और पाम तेल 132.30 रुपये किलो औसत मूल्य के हिसाब से बिक रहा है। सप्ताह भर में कीमतों में एक से तीन रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है।
सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (कूइट) के चेयरमैन सुरेश नागपाल ने बताया कि इंडोनेशिया ने जब से निर्यात पर रोक हटाई है, तब सेे अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों के दाम गिर रहे हैं। भारत खाद्य तेलों की खपत की पूर्ति के लिए आयात पर काफी निर्भर है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के कारण देसी बाजार में भी खाद्य तेलों के दाम गिर रहे हैं। भारत सरकार ने भी आयात शुल्क में राहत दी है।
अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर कहते हैं कि सप्ताह भर के दौरान खाद्य तेलों की कीमतों में 4 से 10 रुपये लीटर की गिरावट आ चुकी हैं। दाम गिरने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों में मंदी के साथ ही घरेलू तिलहन की बोआई पर्याप्त होना है। सरकार भी खाद्य तेलों पर सख्ती दिखा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद्य तेलों के दाम गिरने के मुकाबले घरेलू बाजारों में दाम नहीं गिर रहे हैं। ऐसे में सरकारी सख्ती जारी रहने पर आगे देसी बाजार में खाद्य तेलों के दाम और गिर सकते हैैं।
दिल्ली खाद्य तेल कारोबारी संघ के सचिव हेमंत गुप्ता ने कहा कि अभी महीने भर तो खाद्य तेलों में नरमी बरकरार रहेगी। दीवाली के पास त्योहारी मांग से कीमतें सुधर सकती हैं। लेकिन बहुत तेजी की संभावना नहीं है। आयात बढ़ने से भी खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट को बल मिला है। जुलाई महीने में खाद्य तेलों का आयात 24 फीसदी बढ़कर 12.14 लाख टन हो गया। चालू तेल वर्ष में नवंबर-जुलाई अवधि में 99.74 लाख टन खाद्य तेल आयात हुआ है, जो पिछली समान अवधि से 3.3 फीसदी ज्यादा है।
खाद्य तेलों के दाम
आयातित तेल एक सप्ताह पहले अब
कच्चा पाम तेल 112 102
आरबीडी पामोलीन 125 110
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देसी तेल
सरसों 145 140
सोयाबीन 130 125
सूरजमुखी 172 168
नोटः भाव थोक बाजार के रुपये प्रति लीटर में हैं।