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10 प्रतिशत आयातित कोयला मिलाने पर जोर

Last Updated- December 11, 2022 | 7:17 PM IST

बिजली क्षेत्र का मौजूदा संकट दूर करने के लिए केंद्र सरकार एक साथ कई तरह की रणनीति पर काम कर रही है। सरकार ने दबाव वाले बिजली संयंत्रों को बहाल करने, घरेलू कोयले के साथ 10 प्रतिशत आयातित कोयले के इस्तेमाल और अक्षय ऊर्जा पर जोर देने की रणनीति बनाई है।
केंद्रीय बिजली सचिव आलोक कुमार ने कहा कि सरकारी कंपनी एनटीपीसी और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी) इस महीने मिश्रण के लिए 32 लाख टन कोयला मंगाने वाले हैं। केंद्र सरकार ने मिश्रण के लिए कोयला आयात करने के लिए राज्यों को पत्र लिखा है। बहरहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की उच्च कीमत की वजह से आयात में व्यवधान आ रहा है। एनटीपीसी ने चालू वित्त वर्ष में करीब 200 लाख टन कोयला आयात की योजना बनाई है।
वहीं दूसरी तरफ 17,250 मेगावॉट क्षमता के आयातित कोयला आधारित संयंत्रों में से करीब 10,000 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र परिचालन में हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगले 2 से 3 संयंत्र में करीब 5,000 मेगावॉट क्षमता के संयंत्र चालू हो जाएंगे।’ भारत में ज्यादा मांग वाले वक्त में 4 मई को कुल मांग 1,84,099 मेगावॉट थी, जबकि 449.4 लाख यूनिट बिजली कम थी।
मंत्रालयों के बीच बेहतरीन तालमेल के लिए बिजली और कोयला मंत्रालयों के सचिव और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन रोजाना बैठक कर रहे हैं। कुमार ने कहा, ‘सरकार कोल इंडिया, सिंगरेली और निजी कोयला खदानों से कोयले का उत्पादन अधिकतम करने की कवायद कर रही है। इसके अलावा 10 प्रतिशत आयातित कोयले के मिश्रण को कहा गया है।’ सरकार ने दिसंबर में 10 प्रतिशत आयातित कोयले का मिश्रण करने का फैसला किया था, उसके पहले 4 प्रतिशत मिश्रण किया जाता था।
इस सप्ताह की शुरुआत में बिजली और अक्षय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने था कि उन्होंने राज्यों व कर्जदाताओं से मुलाकात की थी, जिससे दबाव वाली कोयला आधारित 7,150 मेगावॉट क्षमता के संयंत्रों को बहाल किया जा सके। राज्यों में हरियाणा ने दबाव वाले एक संयंत्र के अधिग्रहण की इच्छा जताई है।
सीआईएल ने बिजली संयंत्रों को आपूर्ति 16 प्रतिशत बढ़ाई
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अप्रैल 2022 में पिछले साल के समान महीने की तुलना में बिजली क्षेत्र को आपूर्ति 15.6 प्रतिशत बढ़ा दी है। कोल इंडिया ने कहा कि इस साल अप्रैल में उसने देश के कोयला संयंत्रों को 497 लाख टन बिजली की आपूर्ति की है। यह पिछले साल की गई 430 लाख टन कोयला आपूर्ति की तुलना में 67 लाख टन ज्यादा है।
औसतन सीआईएल रोजाना बिजली संयंत्रों को 16.6 लाख टन कोयले की आपूर्ति करती है, जो पिछले सप्ताह बढ़कर 17.3 लाख टन हो गया।

First Published - May 5, 2022 | 1:04 AM IST

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