FY26 में गोल्ड और सिल्वर ETF में कुल ₹99,280 करोड़ का नेट इनफ्लो आया, जो कुल ETF इनफ्लो का 55% है। - प्रतीकात्मक फोटो
ETF Investment: भारत में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में निवेश ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में नया रिकॉर्ड बना दिया है। जेरोधा फंड हाउस (Zerodha Fund House) की एक रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में ETF में कुल नेट इनफ्लो ₹1.8 लाख करोड़ से अधिक रहा, जो अब तक का किसी भी वित्त वर्ष का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह FY22 के पिछले रिकॉर्ड ₹83,390 करोड़ से दोगुने से भी ज्यादा है। खास बात यह रही कि कमोडिटी ETF (गोल्ड और सिल्वर) में इक्विटी ETF की तुलना में ज्यादा निवेश आया, और कुल ETF इनफ्लो का आधे से ज्यादा हिस्सा इन दोनों कैटेगरी में गया।
जेरोधा फंड हाउस के CEO विशाल जैन का कहना है कि FY26 में सबसे खास बात सिर्फ निवेश का साइज नहीं है, बल्कि यह है कि निवेश कहां से आया। पहले ETF मुख्य रूप से इक्विटी निवेश का जरिया थे, लेकिन अब गोल्ड और सिल्वर ETF में ज्यादा निवेश यह दर्शाता है कि निवेशक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बना रहे हैं।
| कैटेगरी | FY26 नेट इनफ्लो (₹ करोड़) | कुल हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| गोल्ड ETF | 68,868 | 38% |
| सिल्वर ETF | 30,412 | 16.8% |
| इक्विटी ETF | 77,780 | 42.9% |
| डेट ETF | 4,066 | 2.2% |
| कुल | 1,81,125 | 100% |
(स्रोत: AMFI)
रिपोर्ट के मुताबिक FY21 से FY25 तक ETF में सालाना नेट इनफ्लो ₹46,000 करोड़ से ₹83,000 करोड़ के बीच रहा था, लेकिन FY26 में यह आंकड़ा अचानक उछलकर ₹1.8 लाख करोड़ पहुंच गया। जनवरी 2026 इस दौरान सबसे बड़ा महीना रहा, जब अकेले एक महीने में ₹39,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश ETF में आया। वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बीच गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश बढ़ने से यह तेजी देखने को मिली।
| वित्त वर्ष | कुल ETF नेट इनफ्लो (₹ करोड़) |
|---|---|
| FY21 | 46,739 |
| FY22 | 83,390 |
| FY23 | 60,179 |
| FY24 | 48,142 |
| FY25 | 83,079 |
| FY26 | 1,81,125 |
(स्रोत: AMFI)
FY26 में गोल्ड और सिल्वर ETF में कुल ₹99,280 करोड़ का नेट इनफ्लो आया, जो कुल ETF इनफ्लो का 55% है। वहीं इक्विटी ETF में ₹77,000 करोड़ (43%) का निवेश हुआ।
FY24 में जहां कमोडिटी ETF का हिस्सा 17% से भी कम था, वहीं FY26 के आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों का रुझान बदल रहा है और वे ETF के जरिए अपने पोर्टफोलियो को अधिक विविध बना रहे हैं।
यह पढ़ें: Top-10 Gold ETFs: 1 साल में 63% तक रिटर्न, क्या आपके पोर्टफोलियो में है ये फंड?
FY26 में गोल्ड ETF में ₹68,000 करोड़ से अधिक का नेट इनफ्लो हुआ, जो FY21 से FY25 के कुल ₹30,200 करोड़ से भी ज्यादा है। गोल्ड ETF का AUM मार्च 2025 में ₹59,000 करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 में ₹1.71 लाख करोड़ से अधिक हो गया, यानी 191% की ग्रोथ दर्ज की गई। इसमें सोने की कीमतों में बढ़ोतरी और नए निवेशकों का योगदान दोनों शामिल हैं।
| अवधि | गोल्ड ETF नेट इनफ्लो (₹ करोड़) |
|---|---|
| FY21–FY25 (संयुक्त) | >30,200 |
| FY26 | 68,868 |
(स्रोत: AMFI)
गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश का एक कारण टैक्स लाभ भी है। ETF में 12 महीने बाद 12.5% LTCG लगता है, जबकि फिजिकल गोल्ड में 24 महीने की होल्डिंग जरूरी होती है।
2022 में शुरू हुए सिल्वर ETF में FY26 के दौरान ₹30,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश आया, जो मार्च 2025 में इसके कुल AUM ₹15,339 करोड़ से भी ज्यादा है। सिल्वर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने भी निवेशकों को इस कैटेगरी की ओर आकर्षित किया।
ETF में लिक्विडिटी भी तेजी से बढ़ी है। FY21 में औसत डेली टर्नओवर ₹237 करोड़ था। अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच यह ₹4,200 करोड़ से अधिक हो गया। यह लगभग 18 गुना ग्रोथ है। इस दौरान कमोडिटी ETF का औसत डेली टर्नओवर ₹2,700 करोड़ रहा, जो इक्विटी ETF के ₹745 करोड़ से कहीं अधिक है।
कमोडिटी ETF में बढ़ती ट्रेडिंग मुख्य रूप से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेज उछाल के कारण रही, साथ ही यह ETF बाजार के विस्तार को भी दर्शाता है।
इस तरह, FY26 के आंकड़े दिखाते हैं कि भारत में ETF निवेश का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। अब निवेशक केवल इक्विटी नहीं, बल्कि गोल्ड, सिल्वर जैसी कमोडिटी में भी ETF के जरिए निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव निवेशकों के ज्यादा समझदार और डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने की ओर बढ़ते कदम को दर्शाता है।