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सस्ती होगी सड़क मार्ग से माल ढुलाई

Last Updated- December 11, 2022 | 11:44 PM IST

माल ढुलाई के प्रमुख सड़क मार्र्गों पर मालभाड़े में अगले कुछ दिन में 10-12 प्रतिशत कमी आने की संभावना है। इंडियन फाउंडेशन आप ट्रांसपोर्ट रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग (आईएफ टीआरटी) ने डीजल की कीमत में कटौती के बाद यह अनुमान लगाया है। मालभाड़े में कमी से फलों, सब्जियों व अन्य खाद्य पदार्थों के दाम में कमी आएगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी।
नई दिल्ली के थिंक टैंक आईएफटीआरटी के सीनियर फेलो एसपी सिंह ने कहा, ‘अगले कुछ दिन में मालभाड़े में 10-12 प्रतिशत कमी आने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा कि डीजल की कीमत में कमी और राज्य सरकारों द्वारा मूल्यवर्धित कर में संभावित कमी की वजह से ऐसा होने की संभावना है।
ट्रक के किराये में संभावित गिरावट पिछले 5 महीने में पहली बार होने की संभावना है। अप्रैल और मई में महामारी के कारण दरों में 23-27 प्रतिशत गिरावट के बाद जून महीने से लगातार मालभाड़ा बढ़ रहा है।
त्योहारों के सीजन की तेजी समाप्त होने के बाद अक्टूबर के अंत से ढुलाई कम होनी शुरू हो गई है। ऐसे में त्योहार के कारण आई 30-35 प्रतिशत अतिरिक्त मांग खत्म हो रही है। इसकी वजह से कार्गो की उपलब्धता बढ़ेगी और उत्पाद शुल्क और वैट में कमी किए जाने से मालभाड़े में कम से कम 12 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है। सिंह ने कहा कि 14-15 प्रतिशत तक की भी कमी हो सकती है।
मझोले और लंबी दूरी पर चलने वाले ट्रक ऑपरेटरों ने अक्टूबर के दौरान 10-12 प्रतिशत मालभाड़ा बढ़ाया था। आईएफटीआरटी के मुताबिक डीजल की कीमत में इस दौरान हुई बढ़ोतरी की तुलना में यह दोगुने से ज्यादा थी क्योंकि प्रमुख ट्रक मार्गों में क्षमता का इस्तेमाल 80 से 85 प्रतिशत के उच्च स्तर पर था। त्योहारों के मौसम के कारण से और बल मिला क्योंकि फैक्टरी डिस्पैच से मांग 25 प्रतिशत बढ़ गई थी।
बहरहाल इस क्षेत्र के कुछ जानकारों का कहना है कि डीजल के दाम में कटौती मात्र से मालभाड़े में कमी नहीं आएगी। मांग व आपूर्ति का इस पर ज्यादा असर होता है।
क्रिसिल के निदेशक हेमल ठक्कर ने कहा, ‘हमें अभी देखो और इंतजार करो की नीति अपनानी होगी क्योंकि न सिर्फ केंद्र ने उत्पाद शुल्क कम किया है, बल्कि कुछ राज्य सरकारों ने वैट कम किया है।’
उन्होंने कहा कि मालभाड़ा डीजल की कीमत के अनुपात में नहीं बढ़ता है, अभी मालभाड़ा और बढऩे की संभावना है क्योंकि मांग तेज है। ठक्कर ने कहा, ‘माल ढुलाई व डीजल के दाम का निर्धारण मांग आपूर्ति की गति के आधार पर तय होती है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में मालभाड़ा निर्धारित होगा।’
आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बल मलकीत सिंह ने कहा, ‘हम इस कदम का स्वागत करते हैं और राज्य सरकार से भी अनुरोध करते हैं कि वे वैट में कमी लाएं।’ उन्होंने कहा कि डीजल के अलावा टायर के दाम सहित अन्य लागत भी बहुत तेजी से बढ़ी है, जो ट्रांसपोर्ट की व्यवहार्यता प्रभावित कर रही है।

First Published - November 5, 2021 | 11:45 PM IST

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