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कम रहेगी सोने की वैश्विक मांग

Last Updated- December 10, 2022 | 6:36 PM IST

इस सप्ताह सोने पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। कारोबारी इस क्षेत्र में निवेश के कम होने से चिंतित हैं। चांदी भी कुछ इसी दिशा में चलती नजर आ रही है।
बड़े विकासशील देशों के साथ भारत में भी इसके कारोबार में कमी आई है। सोने के मामले में भारत दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। यहां पर ग्राहक अभी भी किसी नए निवेश के लिए कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे हैं।
भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर पिछले 6 साल में न्यूनतम, 5.3 प्रतिशत रही है, जो दूसरी तिमाही के 7.6 प्रतिशत से बहुत कम है। इससे संकेत मिलता है कि खुदरा निवेशकों की क्रय शक्ति में कमी आई है। इसी के साथ ही आभूषण के कारोबार पर भी असर पड़ा है।
पिछले साल जहां विकास दर 58 प्रतिशत थी, वहीं इस साल ग्राहकों की बेरुखी की वजह से स्थिति बहुत खराब है। शादी विवाह के मौसम के बावजूद आभूषण का कारोबार इतना कम हो गया है कि फरवरी 2009 में इसका आयात शून्य रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कुल आयात 23 टन हुआ था।
एंजल ब्रोकिंग के कमोडिटी प्रमुख नवीन माथुर ने कहा, ‘कम अवधि के लिहाज से देखें तो सोने का कारोबार निश्चित सीमा के भीतर होगा, लेकिन दीर्घावधि के लिहाज से सोने में तेजी जारी रहेगी।’ इस सप्ताह एमसीएक्स में नजदीक के महीनों में उम्मीद की जा रही है कि 15,280-15,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बहुत बेहतर समर्थन मिल सकता है। वहीं 14,925-14,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद है। अगर 14,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे कारोबार होता है, तो इसे कम कीमत पर कारोबार माना जाएगा। अनुमान किया जा रहा है कि 15,610-15,630 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिरता बन जाएगी।
वहीं अगर चांदी की बात करें तो कमजोर बाजार में भी 23,850-21,800 रुपये प्रति किलो की दर पर बेहतर समर्थन मिल सकता है, जबकि 21,500-21,450 रुपये प्रति किलो पर बेहतर समर्थन मिल सकता है। 21,440 रुपये प्रति किलो पर कारोबार निम्म स्तर पर माना जाएगा जो 21,125 और 20,787 रुपये प्रति किलो के बीच रह सकता है। इसमें कारोबार 22,350-22,400 रुपये प्रति किलो पर कारोबार स्थिर रहने की उम्मीद है।
पिछले सप्ताह सोने की कीमतें 15,805 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुलीं और यह इससे ऊपर भी गया लेकिन 15,929 रुपये प्रति 10 ग्राम पर इसे बेहतर समर्थन मिला। बाद में कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई और इसे 15,093 रुपये प्रति 10 ग्राम पर समर्थन मिला और सप्ताह के अंत में 343 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ बाजार 15,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
चांदी की कीमतें बीते सप्ताह 23,400 रुपये प्रति किलो पर खुलीं। शुरुआत में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई लेकिन 23,885 रुपये प्रति किलो पर कारोबार हुआ। बाद में कीमतों में तेज गिरावट दर्ज हुई और 21,780 रुपये प्रति ग्राम के न्यून स्तर पर चली गई। सप्ताह के अंत में चांदी 1378 रुपये के बड़े नुकसान के साथ 22172 रुपये प्रति किलो पर बाजार बंद हुआ।
कुछ इसी तरह की चाल सोने के कारोबार में अमेरिका में भी रही और सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। बाजार सूत्रों के अनुसार बीते सप्ताह स्टाकिस्टों ने इन कीमती धातुओं में ऊंचे स्तर पर बिकवाली की। हालांकि बाद में कुछ लिवाली समर्थन से इनमें गिरावट कम हो गई। आलोच्य सप्ताह में लंदन में सोने के भाव 937 और 983 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रहे।
सोना-चांदी
भारत, दुनिया का सबसे बड़ा सोने का  उपभोग करने वाला देश है।
भारत के जीडीपी के आंकड़ों से अनुमान लगता है कि खुदरा उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में गिरावट आई है।

First Published - March 2, 2009 | 2:48 PM IST

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