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भारत में सोने की मांग कोविड-पूर्व स्तर पर

Last Updated- December 11, 2022 | 11:55 PM IST

भारत में सोने की मांग 2020 में कोविड वैश्विक महामारी के दौरान निचले स्तर पर जाने के बाद तेजी से सुधार दर्ज करते हुए सितंबर तिमाही में कोविड-पूर्व पर लौट चुकी है। सितंबर 2021 में समाप्त तिमाही के दौरान देश में सोने की मांग सालाना आधार पर 47 फीसदी बढ़कर 139.1 टन हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 94.6 टन रही थी।
यह कोविड वैश्विक महामारी शुरू होने से पहले सितंबर 2019 तिमाही में दर्ज 123.9 टन के मुकाबले अधिक है। वल्र्ड गोल्ड काउंसिल  ने अपनी ताजा विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। मूल्य के लिहाज से सितंबर 2021 तिमाही के दौरान देश में सोने की मांग सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 59,330 करोड़ रुपये हो गई।
जुलाई से सितंबर 2021 के दौरान भारत में सोने के आभूषणों की मांग सालाना आधार 58 फीसदी बढ़कर 96.2 टन हो गई जिसे मुख्य तौर पर अटकी हुई मांग, उपहार के लिए खरीदारी, आर्थिक सुधार और सोने की कीमतों में नरमी से बल मिला। इस दौरान बार और सिक्के में निवेश की मांग भी सालाना आधार पर 27 फीसदी बए़कर 43 टन हो गई। डब्ल्यूजीसी के अनुसार, क्षेत्रीय स्तर पर उत्तर भारत ने दक्षिण भारत के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि केरल जैसे कुछ दक्षिणी राज्यों में कोविड के अधिक मामलों से ज्वैलरी स्टोरों का परिचालन प्रभावित हुआ।
आमतौर पर जुलाई से सितंबर की अवधि सोने की मांग के लिहाज से कमजोर अवधि होती है क्योंकि इस दौरान मॉनसून और पितृ पक्ष के कारण आमतौर पर सोने की खरीदारी को लोग टाल देते हैं।
वल्र्ड गोल्ड काउंसिल के क्षेत्रीय सीईओ (भारत) पीआर सोमसुंदरम ने कहा, ‘यह (तेजी) मुख्य तौर पर टीकाकरण की उच्च दरों और संक्रमण दरों में गिरावट के साथ वैश्विक महामारी में नरमी के कारण भी दिख रही है। इससे आर्थिक गतिविधियों में जबरदस्त सुधार हुआ है। सोने की कीमतों में नरमी के कारण भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।’ डब्ल्यूजीसी के अनुसार, सोने की मांग में तेजी का एक अन्य कारण भारत में मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि है क्योंकि बचत करने वाले लोग इस दौरान आमतौर पर सोने की खरीदारी करते हैं। डब्ल्यूजीसी ने कहा, ‘मुद्रास्फीति में हरेक प्रतिशत वृद्धि होने के साथ ही सोने की मांग 2.6 फीसदी बढ़ जाती है। दूसरी ओर किसी साल के दौरान सोने की कीमतों में हरेक 1 फीसदी की गिरावट के साथ मांग 1.2 फीसदी बढ़ जाती है।’
वैश्विक स्तर पर सोने की मांग सालाना आधार पर 7 फीसदी और तिमाही आधार पर 13 फीसदी घटकर 831 टन रह गई जिसे मुख्य तौर पर गोल्ड-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (गोल्ड ईटीएफ) से निकासी (27 टन) से झटका लगा। इस बीच, सोने की कीमतें 1ि,790 डॉलर प्रति औंस रहीं।

First Published - October 28, 2021 | 10:52 PM IST

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