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सोना ₹2.10 लाख और चांदी ₹3.30 लाख? अक्षय तृतीया के पहले एक्सपर्ट की बुलिश भविष्यवाणी

सोना लगातार धीरे-धीरे रिटर्न देता रहा है। इसमें उतार-चढ़ाव जरूर आते हैं, लेकिन लंबी अवधि में यह भरोसेमंद साबित हुआ है

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- April 16, 2026 | 2:38 PM IST

Gold and Silver Price Outlook: अक्षय तृतीया आते ही सोना खरीदने की परंपरा एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार सिर्फ भावना नहीं, बल्कि मजबूत आंकड़े भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। पिछले एक साल में सोना और खासकर चांदी ने जिस तरह का रिटर्न दिया है, उसने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। आंकड़े बताते हैं कि सोने ने करीब 63% और चांदी ने 165% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। यानी जिसने पिछले साल निवेश किया, उसे अच्छा फायदा मिला। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या इसी तेजी के बाद भी खरीदारी करना सही रहेगा।

आंकड़ों में छिपी पूरी कहानी

तारीख सोना बंद भाव सोना बदलाव (रुपये) सोना % बदलाव चांदी बंद भाव चांदी बदलाव (रुपये) चांदी % बदलाव
24-अप्रैल-12 29,030 7,184 32.88 55,697 1,401 2.58
13-मई-13 29,865 835 2.88 45,118 -10,579 -18.99
2-मई-14 28,871 -994 -3.33 42,540 -2,578 -5.71
21-मई-15 27,108 -1,763 -6.11 39,166 -3,374 -7.93
6-मई-16 30,378 3,270 12.06 41,731 2,565 6.55
28-अप्रैल-17 28,873 -1,505 -4.95 39,503 -2,228 -5.34
17-अप्रैल-18 31,383 2,510 8.69 39,360 -143 -0.36
6-मई-19 31,563 180 0.57 37,376 -1,984 -5.04
24-अप्रैल-20 46,527 14,964 47.41 42,051 4,675 12.51
14-मई-21 47,676 1,149 2.47 71,085 29,034 69.04
3-मई-22 50,808 3,132 6.57 63,049 -8,036 -11.30
21-अप्रैल-23 59,845 9,037 17.79 74,654 11,605 18.41
10-मई-24 72,727 12,882 21.53 84,910 10,256 13.74
30-अप्रैल-25 94,611 21,884 30.09 95,900 10,990 12.94
16-अप्रैल-26* 1,54,650 60,039 63.46 2,54,650 1,58,750 165.54

सोर्स: केडिया एडवाइजरी

अगर पिछले कुछ सालों का रुझान देखें, तो साफ समझ आता है कि सोना लगातार धीरे-धीरे रिटर्न देता रहा है। इसमें उतार-चढ़ाव जरूर आते हैं, लेकिन लंबी अवधि में यह भरोसेमंद साबित हुआ है। दूसरी तरफ चांदी का स्वभाव थोड़ा अलग रहा है। इसमें तेजी और गिरावट दोनों तेज होती हैं। इस बार चांदी ने जबरदस्त उछाल दिखाया है, जिससे यह बाजार की सबसे चर्चित धातु बन गई है। इससे यह भी साफ होता है कि बुलियन में कमाई होती है, लेकिन इसके लिए धैर्य जरूरी है।

सोने में तेजी और गिरावट का खेल

एक्सिस सिक्योरिटीज के कमोडिटी एक्सपर्ट देवेया गगलानी के मुताबिक, 2026 की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। सोना पहले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा, लेकिन फिर इसमें तेज गिरावट भी आई। इसका कारण मुनाफावसूली और ETF से पैसा निकलना रहा। इसी दौरान अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर गए, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल गईं। इसका असर सोने पर भी पड़ा और कुछ समय के लिए इसकी सेफ हेवन मांग कमजोर हुई। हालांकि जैसे ही हालात थोड़े सामान्य हुए, सोना फिर संभल गया। गगलानी का मानना है कि आगे भी सोने में मजबूती बनी रह सकती है और यह घरेलू बाजार में 1,70,000 से 1,85,000 रुपये तक पहुंच सकता है।

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भारत में सोने का अलग ही महत्व

टीम इनक्रेड मनी ने अपने आकलन में कहा है कि भारतीय परिवारों के पास दुनिया में जमीन के ऊपर मौजूद कुल सोने का करीब 11% से 16% हिस्सा है। यह मात्रा अमेरिका, जर्मनी, इटली और रूस जैसे दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड होल्डिंग देशों के संयुक्त राष्ट्रीय भंडार से भी ज्यादा मानी जाती है। इनक्रेड मनी के अनुसार, भारत में हर तीन में से एक परिवार लंबे समय की संपत्ति के रूप में स्वेच्छा से सोना रखता है। यानी भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा भरोसा है, जो महंगाई, करेंसी संकट और जियोपॉलिटिकल तनाव के दौर में भी कायम रहा है।

इनक्रेड मनी ने यह भी कहा कि मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच सोने में करीब 90% की रैली यूं ही नहीं आई। 2022 के बाद से दुनिया भर के केंद्रीय बैंक हर साल 1,000 टन से ज्यादा सोना खरीद रहे हैं, जो पिछले दशक की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। उनकी राय में इसका बड़ा कारण 2022 में रूस के करीब 300 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार को फ्रीज किए जाने की घटना रही, जिसने यह साफ कर दिया कि डॉलर आधारित एसेट्स को भू-राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि अपने वॉल्ट में रखा गया सोना ऐसी जोखिम से बाहर रहता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक भी लंदन से अपने सोने के भंडार को चुपचाप भारत वापस ला रहा है।

इनक्रेड मनी ने चीन के कदम को भी बेहद अहम बताया। उनके अनुसार, 2025 में चीन ने अपनी 10 सबसे बड़ी बीमा कंपनियों को अपने कुल एसेट्स का 1% तक फिजिकल गोल्ड में लगाने की अनुमति दी। इसका मतलब करीब 45 से 53 अरब डॉलर, या तीन साल में 630 से 750 टन सोने की अतिरिक्त मांग बनना है। यह वैश्विक नए खनन किए जाने वाले सोने का करीब 15% से 20% हिस्सा हो सकता है। टीम इनक्रेड मनी का कहना है कि जब इस तरह की केंद्रीय बैंक खरीद, चीन जैसे बड़े कदम, लगातार जियोपॉलिटिकल तनाव और खुदरा निवेशकों की खरीद एक साथ आती है, तो 90% की तेजी समझ में आती है। इसलिए हाल की गिरावट को वे ट्रेंड रिवर्सल नहीं, बल्कि तेज रैली के बाद आई स्वाभाविक करेक्शन मानते हैं।

उनके मुताबिक, इस करेक्शन का समय इसलिए खास रहा क्योंकि दो बड़े झटके एक साथ आए। पहला, ईरान-इजराइल तनाव से कच्चे तेल के दाम बढ़े, महंगाई की चिंता लौटी और निकट अवधि में रेट कट की उम्मीदें कमजोर हुईं। दूसरा, 30 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श जैसे महंगाई पर सख्त रुख रखने वाले नाम को फेडरल रिजर्व के नेतृत्व के लिए आगे बढ़ाने से बाजार में यह संदेश गया कि ब्याज दरें ज्यादा समय तक ऊंची रह सकती हैं। इसके बाद सोना एक ही सत्र में 10% से ज्यादा टूट गया। हालांकि इनक्रेड मनी का कहना है कि नीचे की मूल कहानी नहीं बदली है। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता खत्म नहीं हुई, केंद्रीय बैंकों की मांग कम नहीं हुई और सप्लाई अब भी सीमित है। इसलिए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तेज गिरावट एग्जिट का नहीं, एंट्री का मौका हो सकती है।

टीम इनक्रेड मनी ने एक और दिलचस्प ट्रेंड की ओर इशारा किया। उनके मुताबिक, उनकी डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म पर निवेशक अब पहले से ज्यादा फुर्तीले ढंग से व्यवहार कर रहे हैं। वे तेजी में मुनाफावसूली भी कर रहे हैं और गिरावट में खरीदारी भी बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, इसका मतलब यह नहीं कि निवेशकों का भरोसा कम हुआ है, बल्कि अब निवेश का तरीका ज्यादा स्मार्ट हो गया है।

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केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट क्या कहती है

केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली अक्षय तृतीया के मौके पर बुलियन बाजार एक साथ आकर्षक भी है और जटिल भी। रिपोर्ट कहती है कि इस समय सोना करीब 1,54,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है और पिछले अक्षय तृतीया से अब तक इसने 63% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह महामारी के दौर 2020 के बाद सोने का सबसे मजबूत वार्षिक प्रदर्शन है। केडिया एडवाइजरी ने यह भी कहा है कि 2018 के बाद से सोने ने अक्षय तृतीया खरीदारी करने वालों को एक भी बार निराश नहीं किया और इस दौरान इसने औसतन 25% से ज्यादा की वार्षिक दर से संपत्ति बढ़ाई है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार असली सुर्खी चांदी ने बटोरी है। चांदी का भाव पिछले साल के करीब 95,900 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2,54,650 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। यानी इसमें करीब 165% की अभूतपूर्व तेजी आई है। केडिया एडवाइजरी का कहना है कि इसके पीछे इंडस्ट्रियल डिमांड, ग्रीन एनर्जी की बढ़ती जरूरत और अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी सेफ हेवन खरीदारी बड़ी वजह रही है।

हालांकि केडिया एडवाइजरी ने खरीदारों को साफ चेतावनी भी दी है कि इस तेजी को देखकर उत्साह में बहना ठीक नहीं होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट अवधि में सोना और चांदी दोनों ही अगले 2 से 3 महीनों तक कंसोलिडेशन के दौर में जा सकते हैं, क्योंकि क्रॉस-एसेट लिक्विडेशन और मुनाफावसूली का दबाव बना रह सकता है। उनके शब्दों में, स्मार्ट मनी अभी तेजी का पीछा नहीं कर रही, बल्कि व्यवस्थित तरीके से जमा कर रही है।

Gold and Silver Price Outlook: आगे का टारगेट क्या है

केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, 12 महीने के नजरिये से दोनों धातुओं का रुख अब भी मजबूती वाला है। रिपोर्ट में सोने के 2,00,000 रुपये से 2,10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो मौजूदा स्तर से करीब 32% से 38% की और तेजी दिखाता है। वहीं चांदी के 3,20,000 रुपये से 3,30,000 रुपये प्रति किलो तक जाने का अनुमान है, जो मौजूदा कीमत से करीब 34% से 38% की संभावित बढ़त है।

निवेशकों के लिए सलाह क्या है

रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट राय को एक साथ देखें, तो एक बात साफ निकलकर आती है। सोना और चांदी दोनों में लंबी अवधि की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव और ठहराव दोनों संभव हैं। इसलिए एक्सपर्ट्स की राय एकमुश्त खरीदारी की बजाय चरणबद्ध निवेश की तरफ झुकती दिख रही है।

केडिया एडवाइजरी ने साफ कहा है कि निवेशकों को गोल्ड ETF और सिल्वर ETF में मासिक SIP के जरिए निवेश करना चाहिए, न कि एक बार में बड़ी रकम लगानी चाहिए। यह रणनीति इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि इतनी बड़ी तेजी के बाद बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और व्यवस्थित निवेश औसत लागत को बेहतर बना सकता है।

First Published : April 16, 2026 | 2:33 PM IST