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दीवाली पर आए मेवा कारोबारियों के अच्छे दिन

Last Updated- December 11, 2022 | 1:30 PM IST

दो साल बाद दीवाली मेवा कारोबारियों के लिए खुशियां लेकर आई है। इस साल दीवाली पर मेवों की बिक्री पिछले साल से ज्यादा होने की संभावना है। कारोबारियों के मुताबिक आम ग्राहक, मिठाई वालों से लेकर गिफ्ट के लिए मेवों की मांग खूब है। पिछली दीवाली पर अफगान संकट के कारण मेवों की आपूर्ति बाधित होने से दाम काफी बढे थे। लेकिन इस बार ज्यादातर मेवों का आयात खूब हुआ क्योंकि अफगान संकट भी दूर हो गया है। साथ ही कारोबारियों ने अफगान के अलावा अन्य मेवा आयातक देशों से भी माल मंगाया है। कोरोना की मार खत्म होने से भी मेवों की बिक्री बढने  को बल मिला है।

इंटरनेशनल फ्रूट्स एंड नट्स ऑर्गेनाइजेशन व क्लास एलजोन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रविंद्र मेहता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कोरोना के कारण बीते दो साल दीवाली पर मेवों की मांग कमजोर ही रही। लेकिन अब कोरोना खत्म होने से इस साल मेवों की मांग भी बढी है। इस दीवाली कॉरपोरेट क्षेत्र ने भी कर्मचारियों व अन्य को गिफ्ट देने के लिए मेवों की खरीद पिछले साल से ज्यादा की है। इस साल मेवा कारोबार 10 फीसदी बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
 
खारी बावली के मेवा कारोबारी दलजीत सिंह कहते हैं कि पिछले साल मेवे महंगे होने से बिक्री कम हुई थी। इस साल मेवों के दाम बढे नहीं है। साथ ही इस बार आम से लेकर खास सभी उत्साह से दीवाली मना रहे हैं। कोरोना खत्म होने से मिठाई निर्माताओं को भी मिठाई की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। इसलिए उन्होंने भी मेवों की अधिक खरीद की है। कुल मिलाकर पिछले साल से इस साल त्योहारों पर मेवों की बिक्री 10 से 15 फीसदी बढ़ने की संभावना है।
 
मेवा कारोबारी नवीन मंगला ने कहा कि ज्यादातर मेवों के इस साल दाम भी पिछले साल से थोडे कम ही हैं। इससे भी बिक्री बढने को सहारा मिल रहा है। इस बार डिब्बाबंद मेवों की गिफट के रूप में भी बिक्री खूब हो रही है।
 
एक मेवा कारोबारी ने बताया कि दीवाली पर अब तक 10 से 12 लाख रुपये मूल्य के मेवे के गिफ्ट पैकेट बिक चुके हैं। अभी कम से कम 3 दिन और बिक्री होनी है। पिछले साल खरीदारों ने कम मात्रा वाले मेवे के पैकेट पैक करवाए थे। इस बार ऐसा नहीं है। दिल्ली स्थित खारी बावली मंडी देश में मेवों का अहम बाजार है। दिल्ली स्थित खारी बावली मंडी देश में मेवों का अहम बाजार है। खारी बावली मंडी में इन दिनों बादाम के थोक भाव 600 से 700 रुपये, काजू के 600 से 800 रुपये, किशमिश के 250 से 450 रुपये, पिस्ता डोडी के 800 से 1,000 रुपये किलो चल रहे हैं। केसर की कीमत 80 हजार से 1.50 लाख रुपये किलो है। पिछले साल केसर के भाव 2 लाख रुपये किलो पार कर गए थे।

कारोबारियों का कहना है इस बार मेवों की आपूर्ति भी ज्यादा है। इसलिए पिछले साल की तरह  मेवों पर महंगाई का रंग नहीं चढ़ पाया। पिछले साल अफगान संकट के कारण मेवों की आपूर्ति घटने से दाम बढे थे।

 
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 की अप्रैल-अगस्त अवधि में काजू आयात करीब 72 फीसदी बढ़कर 8.77 लाख टन, किशमिश आयात करीब 14 फीसदी बढ़कर 5,202 टन, अखरोट आयात करीब 7 फीसदी बढ़कर 482 टन, केसर आयात 190 फीसदी बढ़कर 31.75 टन हो गया है। हालांकि इस दौरान बादाम आयात करीब 64 फीसदी घटकर 1,906 टन रह गया। लेकिन कारोबारियों के पास बादाम का स्टॉक पर्याप्त था। इसलिए इसकी किल्लत जैसी स्थिति नहीं बनी। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान बादाम आयात 140 फीसदी बढ़कर 15,945 टन हुआ था।

 

First Published - October 20, 2022 | 5:15 PM IST

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