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महंगे खाद पर लगाम के लिए सरकार का प्लान, कंपनियों को मिलकर वैश्विक बाजार से खरीद की सलाह

सरकार ने सोमवार को कहा कि उर्वरकों की अत्यधिक ऊंची कीमतों के कारण वित्त वर्ष 2027 का उर्वरक सब्सिडी बिल लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 2,00,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।

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संजीब मुखर्जी   
Last Updated- April 29, 2026 | 9:17 AM IST

पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने उर्वरक कंपनियों से व्यक्तिग रूप से खरीदने के बजाय सामूहिक आधार पर तैयार उर्वरक या उनके प्रमुख कच्चे माल की खरीद शुरू करने का अनुरोध किया है। यह ऐसी रणनीति है, जिसे यूरिया खरीद में कंपनियां लंबे समय से अपना रही हैं।

सूत्रों ने कहा कि इस सलाह के पीछे विचार यह है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति घटने से यूरिया, अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी), म्यूरिएट ऑफ पोटाश (एमओपी) और एनपीकेएस जैसे सभी तैयार उर्वरक उत्पादों या रॉक फॉस्फेट या फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया, सल्फर आदि जैसे उनके प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में 50-60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, इसलिए मिल जुलकर या सामूहिक रूप से खरीदने से बेहतर दरों और सौदों पर बातचीत करने में मदद मिलेगी।

ट्रेडर्स ने कहा कि इस संबंध में पिछले सप्ताह उस समय बातचीत शुरू हुई, जब आईपीएल ने उद्योग की ओर से 16 लाख टन डीएपी और टीएसपी (ट्रिपल सुपर फॉस्फेट) का आयात करने के लिए एक निविदा जारी की। सोमवार को उर्वरक विभाग में अपर सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा कि खरीफ सीजन से पहले वर्तमान उच्च कीमतों पर 80 लाख टन से अधिक उर्वरकों का आयात करने की योजना बन रही है, जिसमें 64 लाख टन यूरिया और 19 लाख टन अन्य उर्वरक शामिल हैं। इसका मकसद खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने और कीमतों में वृद्धि होने से भारत ने हाल ही में लगभग दोगुनी कीमत पर 25 लाख टन यूरिया खरीदने का आदेश दिया था, जो दो महीने पहले भुगतान की गई कीमत से लगभग दोगुना होकर लगभग 950 डॉलर प्रति टन हो गया है। इससे पहले फरवरी में 13 लाख टन यूरिया आयात करने के लिए एक निविदा जारी की गई थी, जिसकी दरें लगभग 530-550 डॉलर प्रति टन थीं।

सरकार ने सोमवार को कहा कि उर्वरकों की अत्यधिक ऊंची कीमतों के कारण वित्त वर्ष 2027 का उर्वरक सब्सिडी बिल लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 2,00,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।

केंद्र ने फरवरी में पेश केंद्रीय बजट (पश्चिम एशिया संकट से पहले) में वित्त वर्ष 2027 के लिए उर्वरक सब्सिडी का अनुमान 1,70,781 करोड़ रुपये लगाया था। यह वित्त वर्ष 2026 (संशोधित सब्सिडी) के अनुमान 1,86,460 करोड़ रुपये से लगभग 8.40 प्रतिशत कम था। वित्त वर्ष 2026 के लिए उर्वरक सब्सिडी का संशोधित अनुमान वित्त वर्ष 2026 के बजट अनुमान से लगभग 11.06 प्रतिशत अधिक था > सरकारी अनुमानों के अनुसार यूरिया और डीएपी की उच्च खरीद के कारण वित्त वर्ष 2026 में वास्तविक उर्वरक सब्सिडी पहले ही 2,17,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

First Published : April 29, 2026 | 9:17 AM IST