facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

जून में रूस से आयात 7 गुना बढ़ा

Last Updated- December 11, 2022 | 4:32 PM IST

वैश्विक मंच पर आर्थिक प्रतिबंध झेल रहे रूस से भारत ने जून में 4.23 अरब डॉलर के सामान का आयात किया। पिछले साल जून की तुलना में आयात 6.8 गुना बढ़ा। इस साल जून में कच्चे तेल की मांग तेजी से बढ़ी थी।
वा​​​णिज्य व उद्योग मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार रूस से जून में 3.02 अरब डॉलर मूल्य का कच्चा तेल आयात किया गया था। रूस से किए गए कुल आयात में इस कच्चे तेल की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत थी। 
इसी तरह अप्रैल-जून की तिमाही में रूस से 9.27 अरब डॉलर का आयात किया गया था जो साल में 369 प्रतिशत अधिक था। इस देश से आयात किए गए सामानों में कच्चे तेल का हिस्सेदारी तकरीबन दो तिहाई रही। इसके अलावा रूस से अन्य आयात किए गए प्रमुख उत्पाद कोयला, सोयाबीन, सूरजमुखी का कच्चा तेल, उर्वरक आदि थे।
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन की जमीन पर कब्जे की कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद से रूस भारत का प्रमुख व्यापारिक कारोबारी हो गया है। रूस को सै​निक कार्रवाई करने के बाद प​श्चिमी देशों से प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। इससे विश्व को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों के तहत वैश्विक स्तर पर खाद्य उत्पाद का सिस्टम बाधित हुआ है और जिंसों के दामों में तेजी से उछाल आया है। जिंसों में खासतौर पर तेल और प्राकृतिक गैस के दामों में उछाल आई है।  
आर्थिक प्रतिबंध लगने के बाद रूस ने रियायती दरों पर तेल मुहैया करवाया है। इससे भारत की रूस से आने वाले कच्चे तेल पर निर्भरता बढ़ गई है। अप्रैल-जून की तिमाही में भारत को कच्चा तेल मुहैया करवाने वाला तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रूस हो गया। भारत को इराक, सऊदी अरब के बाद कच्चे तेल का आयात करने वाला देश रूस बन गया। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) है जो भारत को कच्चे तेल का आपूर्ति करने वाला प्रमुख देश है।  
वित्त वर्ष 2021-22 में भारत के कुल कारोबार में रूस की हिस्सेदारी महज 1.2 प्रतिशत थी। इस वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 3.1 प्रतिशत हो गई। आयात में तेजी से उछाल आने के कारण जून में अंत हुई तिमाही में रूस भारत का सातवां बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया था।
पश्चिमी देशों विशेषकर अमेरिका व यूरोपियन यूनियन के दबाव के बावजूद भारत ने किसी पक्ष का समर्थन नहीं किया और रूस से अच्छे संबंधों का लंबा इतिहास रहने के कारण तटस्थ रुख अपनाया। भारत ने कई वैश्विक मंचों पर अपने इस रुख के पक्ष में तर्क पेश कर चुका है। 
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को रूस से रियायती दर पर उपलब्ध कराए गए तेल को खरीदने का फिर बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत को कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ताओं ने यूरोप को आपूर्ति करनी शुरू कर दी है। यूरोप ने रूस से कम तेल की खरीदारी करनी शुरू कर दी है।
जयशंकर ने नौवें भारत-थाईलैंड संयुक्त आयोग के समक्ष कहा “वर्तमान परिस्थितियों में हर देश अपने नागरिकों के लिए बेहतरीन सौदा करने की कोशिश करेगा ताकि ऊर्जा के बढ़े दामों का नागरिकों पर कम से कम प्रभाव पड़े। हम भी यही कर रहे हैं। मेरे देश में प्रति व्यक्ति सालाना आय दो हजार अमेरिकी डॉलर है। ये वे लोग नहीं हैं जो ऊर्जा के ऊंचे दामों को झेल पाएंगे।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह सरकार के लिए अनिवार्य और नैतिक जिम्मेदारी भी है कि भारत के लोगों के लिए सबसे अच्छा सौदा करें। रूस के लिए भेजी जाने वाली खेप जून में गिरकर 19.05 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई जो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत कम था। हालांकि रूस को निर्यात मई के बाद से धीरे-धीरे बढ़ रहा है जो मार्च में एक झटके से गिरकर 7.9  करोड़ डॉलर पर पहुंच गया था।
इस महीने भारत से रूस को प्रमुख तौर पर निर्यात किए गए उत्पादों में विशेषतौर पर विद्युत मशीनरी व यंत्र, लोहा व स्टील, दवा उत्पाद, समुद्री उत्पाद, ऑटोमोबाइल के पुर्जे थे।

First Published - August 18, 2022 | 11:16 AM IST

संबंधित पोस्ट