Indian Rupee vs US Dollar: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में मंगलवार को हल्की गिरावट देखने को मिली। हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन बातचीत की उम्मीद और कमजोर मांग के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। WTI कच्चे तेल की कीमतें गिरकर करीब 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं। इससे पहले कीमतों में बढ़त देखी गई थी, लेकिन अब इसमें नरमी आ गई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने पर सहमति जताई है। यह बातचीत युद्धविराम की दो हफ्ते की समयसीमा से पहले होनी है।
हालांकि, स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। होरमुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है, जो तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम रास्ता माना जाता है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा ईरानी जहाज जब्त करने और इसके जवाब में ईरान द्वारा दूसरे जहाजों पर कार्रवाई करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय विवाद जैसे मुद्दे अब भी सुलझे नहीं हैं।
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत भी करीब 94.82 डॉलर प्रति बैरल पर रही, जिसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट करीब 0.69 प्रतिशत की रही। ब्रेंट में यह कमजोरी दिखाती है कि वैश्विक बाजार में भी तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।
अमेरिका में प्राकृतिक गैस की कीमतें गिरकर करीब 2.65 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू पर आ गई हैं। इसकी वजह ऊर्जा बाजार में कमजोरी और पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद मानी जा रही है। गैस के भंडार का स्तर भी दबाव बना रहा है, जो पिछले पांच साल के औसत से करीब 7 प्रतिशत ज्यादा है। मौसम भी सामान्य रहने की उम्मीद है, जिससे मांग में ज्यादा बढ़त नहीं दिख रही। अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत तक तापमान सामान्य रहने का अनुमान है, जिससे खपत सीमित रह सकती है।
हालांकि पहले उत्पादन में कमी और एलएनजी निर्यात में तेजी से कीमतों को कुछ सहारा मिला था, लेकिन अब ज्यादा स्टॉक और कमजोर मांग के चलते कीमतों में तेजी सीमित नजर आ रही है।