facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

2030 तक शीर्ष पर होगी भारत में कोयले की मांग

Last Updated- December 11, 2022 | 10:43 PM IST

भारत की ओर से 50 साल में नेट जीरो इकोनॉमी और अक्षय ऊर्जा क्षमता में 500 गीगावॉट की वृद्धि के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा के महज एक महीने बाद दो रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि देश में कोयले की प्रमुख भूमिका बनी रहेगी और इस दशक में कोयले की वैश्विक मांग में भारत अहम भूमिका निभाएगा।
केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने भारत में कोयले की मांग पर अपनी हाल की रिपोर्ट में कहा है कि 2030 तक भारत में कोयले की मांग 119.2 से 132.5 करोड़ टन के बीच होगी, जिसमें मुख्य रूप से मांग बिजली क्षेत्र से आएगी। इंटरनैशनल एनर्जी एजेंसी ने अपनी सालाना कोयला रिपोर्ट में कहा है कि मजबूत आर्थिक वृद्धि और विद्युतीकरण बढऩे से हर साल कोयले की मांग में 4 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन क्षमता इस दशक के अंत तक या इसके तुरंत बाद 250 गीगावॉट के उच्च स्तर तक पहुंच सकती है।  इसमें कहा गया है कि कोयला आधारित बिजली उत्पादन कुछ साल उच्च स्तर पर रहने के बाद 2040 से कम होने लगेगा।
वहीं दूसरी तरफ आईईए ने कहा कि जहां औद्योगिक मकसद से कोयले का इस्तेमाल होता है, जैसे लौह और स्टील उत्पादन का क्षेत्र, वहां ऐसी तकनीक नहीं है कि कम अवधि में कोयले का इस्तेमाल खत्म किया जा सके, जिसकी वजह से आगे कोयले की मांग और बढ़ेगी।
आईईए के कोल-2021 रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत में कोयले की बढ़ती मांग के कारण 2021 और 2024 के बीच 13 करोड़ टन कोयले की मांग बढ़ेगी। भारत की अर्थव्यवस्था में 2022 से 2024 के बीच 7.4 प्रतिशत की दर से वृद्धि की उम्मीद है, जिसका असर कोयले की मांग पर पड़ेगा। हमारा अनुमान है कि कोयले की खपत में सालाना 3.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी और यह 2024 तक 118.5 करोड़ टन पहुंच जाएगा।’

First Published - December 20, 2021 | 11:44 PM IST

संबंधित पोस्ट