facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

गुजराती गुलाब से महक उठा जापानी बाजार

Last Updated- December 08, 2022 | 2:40 AM IST

जापान का बाजार इन दिनों गुजराती फूल से गुलजार है। राज्य में उत्पादित कुल गुलाब के 70 फीसदी हिस्से का निर्यात जापान में हो रहा है।


पिछले साल कुल 35 लाख गुलाब जापान भेजे गए थे। राज्य के बागवानी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सूरत में पैदा किए जाने वाले कुल गुलाब का 70 फीसदी जापान के बाजार में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि यहां 100 एकड़ जमीन में गुलाब की खेती प्रस्तावित है।

बागवानी विभाग के उपनिदेशक जेड. एम. पटेल ने कहा – इस साल फूलों के निर्यात में और बढ़ोतरी की उम्मीद है क्योंकि साल 2007 में सरकार ने ग्रीन हाउस फॉर्मिंग की बाबत 18 एमओयू पर दस्तखत किए गए थे और इस वजह से लंबी अवधि के कारोबार में इजाफा होगा।

उन्होंने कहा कि सूरत से होने वाले फूलों का निर्यात जोर पकड़ रहा है क्योंकि यहां फूलों की खेती का रकबा भी बढ़ रहा है। विभाग के एक अधिकारी पी. एम. वघासिया ने कहा कि पिछले 5 साल में यहां खेती का रकबा 40.5 हेक्टेयर से करीब 100 हेक्टेयर पर पहुंच गया है।

जिन किसानों ने दो हेक्टेयर जमीन पर गुलाब की खेती की शुरुआत की थी, वे अब 10 हेक्टेयर जमीन पर गुलाब की खेती कर रहे हैं। पटेल ने कहा कि ये किसान अब गुलाब की विभिन्न वेरायटी का निर्यात जापान को करने लगे हैं। कुछ ऐसे भी किसान हैं जो अभी-अभी फूलों की खेती की तरफ मुड़े हैं।

सूरत के एक किसान धर्मेश पटेल ने बताया कि इसके अलावा इटली, हॉलैंड और जर्मनी जैसे देशों को भी सूरत के किसान गुलाब भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि 60 से ज्यादा किसान फूलों की विभिन्न किस्म मसलन गुलाब, गेंदा आदि की खेती कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ये किसान खेती के आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। बागवानी विभाग के अधिकारी वघासिया ने बताया कि हॉटिकल्चर मिशन 2005 की शुरुआत के बाद राज्य में फूलों की खेती का कुल रकबा 10 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है।

First Published - November 5, 2008 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट