facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

महाराष्ट्र, केरल और राजस्थान ने पेट्रोल-डीजल पर घटाया वैट

Last Updated- December 11, 2022 | 6:47 PM IST

पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करने के केंद्र सरकार के फैसले के अगले ही दिन रविवार को महाराष्ट्र, राजस्थान एवं केरल ने इन पेट्रोलियम उत्पादों पर स्थानीय स्तर पर लगने वाले शुल्क वैट में कटौती करने की घोषणा कर दी।
हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के वैट में कटौती करने संबंधी राज्यों से किए गए आह्वान के बावजूद कुछ राज्य सरकारों ने राजस्व संग्रह में आने वाली कमी का हवाला देते हुए ऐसा कर पाने में अपनी असमर्थता जताई।
महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले मूल्य-वद्र्धित कर (वैट) में 2.08 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगने वाले शुल्क में 1.44 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने की घोषणा की। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि पेट्रोल एवं डीजल पर वैट घटाने से राज्य के खजाने को 2,500 करोड़ रुपये की वार्षिक क्षति होगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल पर वैट में 2.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 1.16 रुपयेप्रति लीटर की कटौती करेगी। इसके पहले केरल की वाममोर्चा सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट में कटौती करने की घोषणा कर दी थी।
केरल सरकार ने पेट्रोल पर वैट में 2.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगने वाले शुल्क में 1.36 रुपए प्रति लीटर की कटौती करने का फैसला किया है। हालांकि तमिलनाडु सरकार ने वैट में कटौती की अपेक्षा को गलत बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल एवं डीजल पर कर बढ़ाते समय राज्यों से कभी भी परामर्श नहीं किया था। वित्त मंत्री पलानिवेल त्यागराजन ने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती किए जाने के बावजूद पेट्रोल एवं डीजल की दरें वर्ष 2014 की तुलना में अब भी अधिक हैं।
केंद्र सरकार ने शनिवार को ही पेट्रोल एवं डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती करने का फैसला लिया था। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर और डीजल पर उत्पाद शुल्क में छह रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है।
इसके साथ ही केंद्र ने उपभोक्ताओं को अधिक राहत देने के लिए स्थानीय स्तर पर लगने वाले वैट में भी कटौती करने का आह्वान राज्य सरकारों से किया था। इसी के बाद महाराष्ट्र, केरल एवं राजस्थान ने वैट में कटौती की घोषणा की है।
इस तरह की मांग अन्य राज्यों से भी आने लगी है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य की भाजपा सरकार से पेट्रोल एवं डीजल पर वैट कम करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार से भी लोगों को राहत देने के लिए वैट में कमी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों की सरकारों को भी पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट में कटौती करनी चाहिए। इस बीच भाजपा के शासन वाले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने इस फैसले पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल एवं डीजल पर वैट शुल्क कम करने के बारे में विचार करेगी। लेकिन भाजपा के ही शासन वाले एक अन्य राज्य गोवा की सरकार इसके पक्ष में नहीं है। राज्य सरकार के एक सूत्र ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल पर वैट में और कटौती नहीं की जाएगी।     

First Published - May 23, 2022 | 12:39 AM IST

संबंधित पोस्ट