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देश के आधे हिस्से तक पहुंचा मॉनसून

Last Updated- December 11, 2022 | 6:07 PM IST

मॉनसून देश के आधे से अधिक भाग तक पहुंच चुका है और इस सप्ताह इसके मध्य, उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मॉनसून की इस प्रगति से किसानों को गर्मियों में बोई जाने वाली फसलों की बुआई में तेजी लाने में मदद मिलेगी, जो जून की पहली छमाही में खास तौर पर मध्य भारत में सामान्य से कम बारिश होने की वजह से पिछड़ गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बयान में कहा कि मॉनसून पूरे दक्षिणी और पूर्वी भारत तथा मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से तक पहुंच चुका है।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि मॉनसून फिर से सक्रिय हो गया है। इस सप्ताह दक्षिणी और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होगी। मीडिया से बातचीत करने के लिए अधिकृत नहीं होने की वजह से अधिकारी ने पहचान जाहिर करने से इनकार करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में ऐतिहासिक औसत के मुकाबले 1 जून से, जब मॉनसून सीजन शुरू हुआ था, 19 जून तक आठ प्रतिशत कम बारिश हुई। 1 जून से 14 जून तक बारिश 36 प्रतिशत कम रही। भारत की वार्षिक वर्षा में मॉनसून का योगदान लगभग 70 प्रतिशत रहता है और देश की 2.7 लाख करोड़ डॉलर वाली कृषि पर निर्भर अर्थव्यवस्था की जीवन शक्ति है। यह सामान्य से दो दिन पहले 29 मई को केरल राज्य के तट पर पहुंचा था। बाद में इसकी प्रगति एक सप्ताह से अधिक समय तक रुकी रही। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास, सोयाबीन, मक्का और धान की बुआई पिछड़ गई है, लेकिन इस सप्ताह से इसमें तेजी आ सकती है।
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि बुआई अभी भी चल रही है। किसानों ने जमीन तैयार करने का काम पूरा कर लिया है। जैसे ही पर्याप्त बारिश होगी, वे फसल की बुआई करेंगे।

First Published - June 21, 2022 | 12:38 AM IST

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