facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

सरसों के दाम रिकॉर्ड पर पहुंचे

Last Updated- December 12, 2022 | 5:46 AM IST

रोज आसमान को छू रही खाद्य तेल की कीमतों के बीच इस बार उत्तर प्रदेश में फसल के सीजन में सरसों रिकार्डतोड़ महंगे दाम पर पहुंच गई है। खुले बाजार में उत्तर प्रदेश में सरसों की कीमत 7000 रुपये क्विंटल तक जा पहुंची है। किसान दाम और बढऩे की आस में अपनी तैयार फसल बेचने के लिए बाजार में भी कम ही ला रहे हैं। प्रदेश के शहरों में थोक गल्ला मंडियों में किसानों का सरसों और लाही (काली सरसों) 55 रुपये किलो तक खरीदी जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि सरसों के दामों में तेजी से साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में तेल के दाम नीचे गिरने वाले नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश में सरसों की खेती कर पीली क्रांति लाने वाले बुंदेलखंड में गुरुवार को खुले बाजार में सरसों 65 से 70 रुपये किलो तक बिकी है वहीं किसानों को 60 रुपये तक का भाव मिला है। यह हाल तब है जबकि सरसों फसल कट कर अभी बाजार में आई है। इस बार प्रदेश में सरसों की खेती का रकबा भी बढ़ा है और बारिश, पाला व ओलावृष्टि से फसल भी खराब नहीं हुई है। गल्ला मंडी के आढ़तियों का कहना है कि भरपूर पैदावार के बाद भी इस बार बाजार में सरसों बिकने को कम आ रहा है। आमतौर पर इन दिनों राजधानी की गल्ला मंडी से तीन से चार ट्रक सरसों बिकने के लिए आ जाती थी, पर अब तो बमुश्किल एक ट्रक ही आ रही है।
किसान रमेश वर्मा के मुताबिक सुल्तानपुर मंडी में पिछले साल जहां सरसों की कीमत 35 से 40 रुपये प्रति किलो हुआ करता था वही इस बार यह 50 से 55 रुपये प्रति किलो हो गया है। फिलहाल सुल्तानपुर मंडी में काली सरसों 50 रुपये और पीली सरसों यानी लाही 53 से 54 रुपये प्रति किलो बिक रही है। कीमतों की बढ़ोतरी पर वर्मा का कहना है कि जिस तरह पिछले साल से अभी तक सरसों के तेल में उछाल देखने को मिला उससे बड़े किसानों को मुनाफा की आस और बढ़ी है और वह सरसों को रोक कर रखे हुए हैं। इसी तरह छोटे किसान, जो अपनी जरूरतों को चलाने के लिए सीजन में सरसों बेच कर पैसा लेते थे वह इस बार महंगे सरसों के तेल को खरीद कर खाने से बचने के लिए नहीं बेच रहे हैं जिसकी वजह से बाजार में आवक कम है और कीमत बढ़ी है।  
बलरामपुर के किसान कर्ण सिंह का कहना है कि सरसों के तेल में बीते एक साल से तेजी का रुख देखने को मिल रहा है और यही कारण है कि और मुनाफे की आस में लोग सीजन में फसल बेंचने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में सरसों की खेती का रकबा और भी बढ़ेगा। लखनऊ के याहियागंज के तेल कारोबारी आशीष अवस्थी बताते हैं कि इस बार खाद्य तेलों के आयात में आई दिक्कतों के चलते दाम ऊंचे हैं और इसका असर सरसों पर भी पड़ा है।

First Published - April 19, 2021 | 12:14 AM IST

संबंधित पोस्ट