सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी ने सोमवार को कहा कि तेल एवं गैस कीमतों में तेजी से उत्पादकों को होने वाले अप्रत्याशित लाभ पर सरकार का नया कर लगाने का कोई इरादा नहीं है। ऑयल ऐंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) का मार्च, 2022 को समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ 31.5 प्रतिशत बढ़कर 8,859.54 करोड़ रुपए रहा। वहीं बीते वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी ने रिकॉर्ड 40,306 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है।
कंपनी की चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अलका मित्तल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमें इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। पिछले सप्ताह ऑयल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एससी मिश्रा ने भी यही बात कही थी।
मित्तल ने कहा, सरकार हमसे तेल एवं गैस की खोज एवं उत्पादन के मामले में खर्च बढ़ाने को लेकर आक्रामक तरीके से कदम उठाने के लिए कहती रही है ताकि घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा सके और आयात पर निर्भरता में कमी लाई जा सके। सरकार ओएनजीसी की प्रत्एक एक रुपए की कमाई पर 65-66 पैसा कर लेती है। शेष राशि तेल एवं गैस क्षेत्र के विकास में लगाई जाती है। तेल की कम कीमतों के कारण पिछले कुछ साल से खोज के मामले में निवेश कम होना वैश्विक स्तर पर तेल एवं गैस उत्पादन में कमी का एक प्रमुख कारण है। इससे वैश्विक स्तर पर मांग के अनुसार उत्पादन नहीं हो पाया।
हालांकि, ओएनजीसी ने तेल के दाम कम होने पर भी खोज एवं उत्पादन को लेकर खर्च में कमी नहीं की है। इससे कंपनी को नए क्षेत्र तलाशने और उसे उत्पादन में लाने में मदद मिली। इसके कारण पुराने क्षेत्रों से उत्पादन में कमी की भरपाई हो सकी है। मित्तल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि सरकार अप्रत्याशित लाभ पर कोई कर लगाने की बात करेगी।