Onion Price Hike: त्योहारों के सीजन में प्याज के दाम बढ़ने से बाजार में हलचल है। इस बार कमजोर मानसून के चलते सप्लाई में कमी रही जिससे प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कई राज्यों में तो बीते 15 दिनों में ही प्याज के दाम दोगुने से ज्यादा हो गए हैं।
सरकार ने प्याज की कामतों को और बढ़ने से रोकने के लिए अपने भंडार से स्टॉक जारी करना शुरू कर दिया है। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से लिखा गया है कि सरकार इस समय महंगाई को रोकने के लिए अपने बफर स्टॉक से लगभग 16 शहरों में प्याज बेचना जारी रखेगी।
दिल्ली के रिटेल बाजार में एवरेज क्वालिटी प्याज 80 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा है, पहले से तुलना करें को बीते हफ्ते ये दाम 60 रुपये किलोग्राम और उसके एक हफ्ते पहले यानी आज से दो सप्ताह पहले 30 रुपये प्रति किलोग्राम पर था।
कमजोर मानसून के कारण जून-सितंबर महीने में प्याज के दो बड़े सप्लायर्स राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे फसल की कटाई में देरी हुई, अब इसके चलते कीमतें फिर से बढ़ गई हैं।
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वहीं इस मामले में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘एक्सपोर्ट पर अंकुश लगाने के उपायों के बाद, सबसे बड़े उत्पादक महाराष्ट्र में सब्जियों की थोक कीमतों में गिरावट आई है।’
इससे पहले प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने घरेलू उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्याज के एक्सपोर्ट पर 31 दिसंबर तक 800 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) लगाने का फैसला किया था।
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सरकार ने 29 अक्टूबर, 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक प्याज एक्सपोर्ट पर 800 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन, FOB बेसिस पर मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) नोटिफाई किया है।