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रुपये में भुगतान कर ईरान से यूरिया खरीदने की योजना

Last Updated- December 11, 2022 | 9:01 PM IST

वैश्विक आपूर्ति में व्यवधानों, उच्च कीमतों और विदेशी मुद्रा की अस्थिरता को देखते हुए भारत ने ईरान के साथ अपने पहले दीर्घकालिक यूरिया आयात सौदे का भुगतान रुपये में करने की योजना बनाई है। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद स्थिति अब और जटिल हो गई है।
भारत ने अमेरिका द्वारा तेहरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने के बाद 2019 में दबाव के कारण ईरान से यूरिया आयात रोक दिया था। सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था भारत को अपनी फसलों के पोषण संबंधी जरूरतों को पूरी करने के लिए चीन, यूक्रेन और रूस का सहारा लेना पड़ा।
एक सूत्र ने कहा कि ज्यादा वैश्विक दाम के बाद चीन द्वारा निर्यात संबंधी प्रतिबंध लगाए जाने के कारण पिछले साल भारत के कुछ राज्यों में यूरिया की कमी का सामना करना पड़ा था। सूत्र ने कहा, ‘अब रूस-यूक्रेन मसले की वजह से आपूर्ति व कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे में हमाला लक्ष्य उचित दर पर आपूर्थि सुनिश्चित करना है।’
भारत यूरिया व मिट्टी के अन्य पोषकों का बड़ा आयातक है, जिसकी जरूरत उसके व्यापक कृषि क्षेत्र में पड़ती है। भारत में कृषि क्षेत्र में करीब 60 प्रतिशत कार्यबल लगा हुआ है और 2.7 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है।
 
 

First Published - February 25, 2022 | 11:22 PM IST

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