प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
Veg-Non veg Thali: उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है कि शाकाहारी (veg) और मांसाहारी (non veg) दोनों थाली की कीमत में कमी देखने को मिल रही है। इस साल मार्च महीने में सालाना और मासिक दोनों आधार पर शाकाहारी और मांसाहारी थाली के दाम घट गए हैं। शाकाहारी थाली की लागत रोटी, चावल, दाल, दही, सलाद के साथ प्याज, आलू, टमाटर से तय होती है। मांसाहारी थाली में शाकाहारी थाली की भी काफी सामग्री होती है, लेकिन दाल की जगह चिकन (ब्रॉयलर) होता है। घर में पकाई जाने वाली इन थालियों का औसत मूल्य उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में इस थाली में मौजूद व्यंजनों को तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम के अनुरूप होता है।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की ‘रोटी राइस रेट‘ नाम से जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल मार्च में शाकाहारी थाली की औसत कीमत 26.6 रुपये थी, जो इस साल मार्च में घटकर 26.5 रुपये रह गई। फरवरी की तुलना में मार्च में इस थाली के दाम ज्यादा घटे हैं। फरवरी में इस थाली की औसत कीमत 27.2 रुपये थी, जो मार्च में करीब 3 फीसदी घटकर 26.5 रुपये रह गई।
क्रिसिल की इस रिपोर्ट के अनुसार शाकाहारी थाली सस्ती होने की वजह मासिक आधार पर प्याज के दाम 14 फीसदी और आलू-टमाटर के दाम 6-6 फीसदी घटना है। सालाना आधार पर तो इनकी कीमतों में और गिरावट आई है। लेकिन वैश्विक संकट के कारण खाद्य तेल और एलपीजी गैस महंगी हो गई।
क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पूषन शर्मा ने कहा कि प्याज, आलू, टमाटर और दालों की कम कीमतों में तो बड़ी कमी देखने को मिली। वनस्पति तेल और ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने थाली की कीमत में गिरावट को सीमित कर दिया।
Also Read: Monsoon Update: 2026 में कम होगी बारिश, 30% तक सूखे का खतरा; Skymet ने जारी किया अनुमान
क्रिसिल की इस रिपोर्ट के अनुसार इस साल मार्च में मांसाहारी थाली की कीमत 54.3 रुपये रही, जो फरवरी की कीमत 55.6 रुपये से कम है। सालाना आधार पर भी इस थाली की कीमत में गिरावट आई है। पिछले साल मार्च में इस थाली की औसत कीमत 54.8 रुपये थी, जो इस मार्च घटकर 54.3 रुपये रह गई।
मांसाहारी थाली सस्ती होने की वजह इस थाली के सबसे बड़े घटक ब्रॉयलर (50 फीसदी हिस्सा) के दाम 2 फीसदी कम होना है क्योंकि नवरात्रि के दौरान लोग मांसाहारी भोजन नहीं खाते। जिससे चिकन की मांग घट गई। प्याज व दालों के दाम कम होने से भी यह थाली सस्ती हुई।