facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

प्राकृतिक रबर का उत्पादन और खपत बढ़ी

Last Updated- December 10, 2022 | 11:56 PM IST

प्राकृतिक रबर के उत्पादन और खपत में 2008-09 के दौरान बढ़ोतरी हुई है। उत्पादन जहां 8,65,000 टन के आंकड़े पर पहुंच गया है, वहीं खपत 8,66,000 टन पर पहुंच गया है।
यह आंकड़े हाल ही में रबर बोर्ड ने जारी किए हैं। प्राकृतिक रबर के उत्पादन में  4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।  साल 2007-08 में इसका उत्पादन 8,25,000 टन था।
हालांकि 2007-08 में उसके पहले के साल की तुलना में उत्पादन में तेज गिरावट दर्ज की गई थी, क्योंकि इस साल केरल के रबर के पौधों को चिकनगुनिया नाम की बीमारी लग गई थी। 2006-07 में कुल उत्पादन 8,53,000 टन था।
बहरहाल 2008-09 में खपत में मामूली (0.5 प्रतिशत की) बढ़त दर्ज की गई। भारत में प्राकृतिक रबर की खपत 2008-09 के दौरान 8,66,000 टन रहा, जबकि 2007-08 में खपत 8,61,000 टन था। 2008-09 के दौरान रबर के निर्यात में तेज गिरावट देखी गई।
इस साल के दौरान 45,538 टन रबर का निर्यात किया गया, जबकि इसके पहले साल 2007-08 के दौरान रबर का कुल निर्यात 60,353 टन रहा। मुख्य रूप से ऐसा वैश्विक मंदी की वजह से हुआ। मंदी की वजह से कृत्रिम रबर की कीमतें भी तेजी से गिरीं। इसके साथ ही आयात में खी 6367 टन की गिरावट दर्ज की गई, जो 2007-08 के 86,394 टन से घटकर 79,927 टन रह गया।
खपत में मामूली बढ़ोतरी और निर्यात में गिरावट के चलते प्राकृतिक रबर के घरेलू स्टॉक में खासी बढ़त दर्ज की गई। 31 मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक कुल स्टॉक 205,000 टन रहा, जबकि मार्च 2008 में कुल स्टॉक 164,000 टन था।
स्टॉक में बढ़ोतरी की मुख्य वजह यह रही कि उत्पादकों ने भंडारण कर रखा था और कीमतें 100 रुपये प्रति किलो पर चली गई थीं। स्टॉक बढ़ने से मानसून सत्र में कीमतें गिरने का भी अनुमान है, जब उत्पादन चरम पर होता है।

First Published - April 10, 2009 | 5:52 PM IST

संबंधित पोस्ट