facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

लॉकडाउन में ढील से सुधरेगी चीनी की मांग

Last Updated- December 15, 2022 | 8:18 PM IST

कोविड-19 की वजह से लागू सार्वजनिक पाबंदियों या लॉकडाउन नियमों में ढील दिए जाने के बाद चीनी की मांग सुधरेगी। भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) का कहना है कि देश में चीनी की मांग सुधरनी शुरू हो गई है और होटलों-रेस्तराओं के खुलने के बाद मांग और सुधरेगी। सरकार ने राष्ट्रव्यापी बंद को 30 जून तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा अनलॉक भारत योजना की घोषणा की है, जिसके तहत मॉल्स, होटलों, रेस्तराओं तथा धार्मिक स्थलों को खोला जाएगा। 
इस्मा ने मंगलवार को बयान में कहा कि मई की शुरुआत से लॉकडाउन नियमों में ढील के बाद से चीनी की मांग में सुधार हुआ है। बयान में कहा गया है, अब जबकि देश अनलॉक के चरण में हैं और मॉल्स तथा रेस्तराओं को खोलने की अनुमति दी गई है, जून में चीनी की मांग और बढ़ेगी।  इस्मा ने कहा कि गर्मियों की मांग के अलावा उम्मीद है कि चीनी मिलें न केवल अपना पूरा जून का कोटा बेच पाएंगी, बल्कि वे मई के बचे कोटा को भी बेच सकेंगी। सरकार ने मिलों को मई में 17,00,000 टन और जून में 18,50,000 टन चीनी बेचने की अनुमति दी है। मई के कोटा को बेचने के लिए समय दिया गया है।

First Published - June 3, 2020 | 12:17 AM IST

संबंधित पोस्ट