चावल किसानों के लिए बड़ी खबर आ रही है। केंद्र सरकार ने बासमती चावल एक्सपोर्ट पर मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस यानी MEP घटाने का फैसला किया है। सरकार के MEP घटाने के फैसले के बाद से अब बासमती चावल पर MEP घटकर 950 डॉलर प्रति मिट्रिक टन हो गया है। जो कि पहले 1,200 डॉलर प्रति मिट्रिक टन था।
बता दें, इसी साल अगस्त में केंद्र सरकार ने बासमती चावल एक्सपोर्ट पर 1,200 डॉलर प्रति मिट्रिक टन का फ्लोर प्राइस तय किया था।
किसानों और निर्यातकों को थी परेशानी
चावल कारोबार की बात करें तो बासमती चावल एक्सपोर्ट पर फ्लोर प्राइस ज्यादा होने की वजह से किसानों और चावल इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा था। MEP ज्यादा होने के चलते मेन सीजन में भी एक्सपोर्ट पर नकारात्मक असर देखने को मिला था। इससे किसानों को भुगतान में परेशानी का सामना करना पड़ा था।
कई देशों को बासमती चावल का निर्यात करता है भारत
बता दें कि भारत और पाकिस्तान बासमती चावल के एकमात्र उत्पादक हैं। भारत ईरान, इराक, यमन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों को 40 लाख मीट्रिक टन से अधिक बासमती चावल का निर्यात करता है।
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बासमती चावल अपनी सुगंध के लिए प्रसिद्ध लंबे अनाज वाली चावल की प्रीमियम किस्म है। दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक भारत ने गैर-बासमती चावल किस्मों के निर्यात पर भी अंकुश लगा रखा है।
एमईपी ने व्यापार को इतनी बुरी तरह प्रभावित किया कि निर्यातकों ने किसानों से चावल खरीदना बंद कर दिया था। सरकार अगर फ्लोर प्राइस घटाने का फैसला लेती है तो, इससे बासमती चावल का व्यापार फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी।