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उर्वरक सब्सिडी का बिगड़ेगा बजट: यूरिया और DAP की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई सरकार की टेंशन

बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि भले ही देश में मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार हो, फिर भी इसका असर देखने को मिलेगा

Published by
संजीब मुखर्जी   
Last Updated- March 09, 2026 | 10:11 PM IST

उर्वरकों की वैश्विक दरें यदि पिछले कुछ दिनों की तरह ही बढ़ती रहीं तो आने वाले वित्त वर्ष 2027 में भारत की उर्वरक सब्सिडी का गणित गड़बड़ा सकता है। व्यापारियों और बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि भले ही देश में मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार हो, फिर भी इसका असर देखने को मिलेगा।

वित्त वर्ष 27 के लिए बीते फरवरी के शुरू में पेश केंद्रीय बजट में सरकार ने उर्वरक सब्सिडी को 1,70,781 करोड़ रुपये आंका था। यह वित्त वर्ष 26 के संशोधित अनुमान 1,86,420 करोड़ रुपये से 8.4 फीसदी कम था। संशो​धित अनुमान वित्त वर्ष 26 के बजट अनुमान से 11 फीसदी से अधिक था। भारत द्वारा उच्च कीमतों पर यूरिया और डीएपी की रिकॉर्ड मात्रा में खरीद के कारण ऐसा हुआ।

अब यूरिया और डीएपी जैसे प्रमुख उर्वरकों की आयात लागत और घरेलू उत्पादन की लागत तो बढ़ जाएगी, लेकिन किसानों पर बोझ कम डालने की को​शिश के तहत खुदरा दरों को स्थिर रखना होगा, इसलिए सब्सिडी का बोझ बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने के बाद से यूरिया की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति टन बढ़कर लगभग 600 डॉलर प्रति टन हो गई हैं, जबकि डीएपी की दरें भी 650-670 डॉलर प्रति टन से बढ़कर लगभग 750-770 डॉलर प्रति टन हो गई हैं। भारत ने वित्त वर्ष 25 में लगभग 70 फीसदी यूरिया, 42 फीसदी डाई-अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी), 83 फीसदी अमोनिया और 60 फीसदी एलएनजी खाड़ी देशों से आयात किया था। इसमें पिछले साल लगभग 56.5 लाख टन यूरिया, 45.7 लाख टन डीएपी और 25.4 लाख टन अमोनिया का आयात किया गया। जहां तक एलएनजी का संबंध है, तो 60 फीसदी आयात में से, अधिकांश कतर से आता है। अब युद्ध के कारण उसने आपूर्ति रोक दी है।

घरेलू खपत में वृद्धि के कारण भारत ने अप्रैल-जनवरी 2025-26 में पहले ही लगभग 83 फीसदी अधिक यूरिया का आयात कर लिया है। उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वित्त वर्ष 26 में उर्वरक दरों में उछाल का सब्सिडी पर कोई प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि हाल ही में अधिक आपूर्ति का अनुबंध नहीं किया गया है।’

First Published : March 9, 2026 | 10:11 PM IST