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ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में हल्की बढ़त, दलहन-मोटे अनाज में तेज उछाल

पिछले महीने तक इन फसलों की बोआई में कमी दर्ज की जा रही थी।

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- April 06, 2026 | 7:17 PM IST

Summer crop sowing: ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई अब सुधरने लगी है। पिछले महीने तक इन फसलों की बोआई में कमी दर्ज की जा रही थी। इस महीने इनके रकबा में वृद्धि देखने को मिल रही है। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 3 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई 58.29 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। यह पिछले साल इसी अवधि के 57.80 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 0.48 लाख हेक्टेयर यानी 0.83 फीसदी अधिक है। कुल मिलाकर बोआई में हल्की बढ़त दिख रही है। लेकिन फसलों के भीतर रुझान अलग-अलग हैं जैसे धान का रकबा घटा है, जबकि दालें, मोटे अनाज और तिलहनों के रकबा में इजाफा हुआ है। ग्रीष्मकालीन फसलों की कुल बोआई अभी भी सामान्य क्षेत्रफल से पीछे है। इन फसलों का सामान्य रकबा 75.37 लाख हेक्टेयर है। पिछले वर्ष का अंतिम ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 83.92 लाख हेक्टेयर था।

धान के रकबा में गिरावट

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल 3 अप्रैल तक धान का रकबा 30.12 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल इसी समय 32.59 लाख हेक्टेयर था। इस तरह धान के रकबा में 2.47 लाख हेक्टेयर यानी 7.58 फीसदी की कमी। यह संकेत देता है कि कुछ राज्यों में किसानों ने पानी की उपलब्धता और लाभकारी विकल्पों को देखते हुए फसल चयन बदला है।

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दलहन फसलों की बोआई में तेज बढ़त

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों की बोआई में तेज बढ़त दर्ज की गई है। 3 अप्रैल तक दलहन का रकबा 8.79 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 7.02 लाख हेक्टेयर था। इस तरह दलहन फसलों का रकबा करीब 25 फीसदी बढ़ गया। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का रकबा 24 फीसदी बढ़कर 6.09 लाख हेक्टेयर, जबकि उड़द का 25.39 फीसदी बढ़कर 2.42 लाख हेक्टेयर हो गया।

‘श्री अन्न’ व मोटे अनाज के रकबा में भी विस्तार

ग्रीष्मकालीन सीजन में 3 अप्रैल तक मोटे अनाज (श्री अन्न) का रकबा 11.64 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल 10.77 लाख हेक्टेयर से करीब 8 फीसदी ज्यादा है। बाजरा का रकबा करीब 24 फीसदी बढ़कर 3.91 लाख हेक्टेयर, मक्का का 2.4 फीसदी बढ़कर 7.18 लाख हेक्टेयर, जबकि ज्वार का करीब 22 फीसदी घटकर 0.32 लाख हेक्टेयर रह गया।

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तिलहनों के रकबा में भी बढ़त

इस गीष्मकालीन सीजन में तिलहन फसलों के रकबा में भी अब बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 3 अप्रैल तक तिलहनों का कुल रकबा 7.74 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 7.42 लाख हेक्टेयर रकबा से 4.18 फीसदी अधिक है। मूंगफली का रकबा 9.29 फीसदी बढ़कर 4.59 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी का 8.33 फीसदी बढ़कर 0.38 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि तिल का रकबा 3.21 फीसदी घटकर 2.71 लाख हेक्टेयर रह गया।

First Published : April 6, 2026 | 7:17 PM IST