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…ताकि चुनावी लड्डू रहे मीठा

Last Updated- December 10, 2022 | 11:57 PM IST

इस बार के आम चुनाव में चीनी विपक्ष के हाथों चुनावी मुद्दा नहीं बने इसके लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
मौके की नजाकत को देखते हुए सरकार ने सरकारी एजेंसियों- एमएमटीसी, एसटीसी, एनएएफईडी और पीईसी को 10 लाख टन चीनी के आयात की छूट दी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि आयात पूर्णत: कर मुक्त होगा, साथ ही कच्ची चीनी के आयात पर लगने वाले निर्यात कर को भी सामान्य लाइसेंस योजना के तहत समाप्त कर दिया गया है।
इस बाबत सरकारी सूत्रों ने कहा कि चीनी का आयात कर मुक्त होगा और इससे घरेलू मांगों की पूर्ति के साथ ही कीमतों पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सरकार ने कर मुक्त चीनी के आयात की छूट दी थी, लेकिन इस पर निर्यात संबंधी कर का भुगतान करना पड़ता था।
गौरतलब है कि इस समय देश में चीनी के उत्पादन में खासी कमी की आशंका जताई जा रही है, साथ इस बात के भी असार हैं कि उत्पादन घटकर चार वर्षों के न्यूनतम स्तर पर आ सकती है। दिलचस्प बात यह है कि दो साल पहले चीनी के उत्पादन में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली थी और चीनी मिलों को इसके निर्यात में मदद के लिए सरकार आगे आई थी।
इधर, चीनी की मिठास कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण फीकी पड़ती जा रही है। पिछले छह महीनों के दौरान चीनी की खुदरा कीमत में 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई और यह प्रति किलो 25 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इंडियन शुगर्स मिल्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के ताजा आंकडों के अनुसार, मौजूदा सत्र (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी का उत्पादन 1.45 करोड़ टन रहने की संभावना है, जो पिछले साल के 2.65 करोड़ टन के मुकाबले 45 फीसदी कम है। हालांकि 80 लाख टन चीनी के भंडार खोले जाने और 15 लाख टन कच्ची चीनी के आयात से इस मौसम में चीनी की उपलब्धता 2.4 करोड़ टन हो जाएगी, जबकि 2.25 करोड़ टन के उपभोग का अनुमान है।
एनएएफईडी के प्रबंध निदेशक यू. के. एस. चौहान का कहना है कि अगर आर्थिक दृष्टि से सब कुछ दुरुस्त रहा, तो एजेंसी को कच्ची चीनी के आयात में कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि चीनी उद्योग के अधिकारी का मानना है कि व्हाइट शुगर के आयात में कई पेरशानियां आड़े आ सकती है, क्योंकि चीनी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों काफी अधिक है।
अधिकारियों का कहना है कि आयातित चीनी को प्रति किलो 30 रुपये की कीमत से नीचे बेचना मुश्किल होगा और कीमतें कम होने की बजाय, इसमें और अधिक बढ़ोतरी होगी।
चीनी की बढ़ती कीमतों और चुनाव को देख सरकार ने उठाया कदम
कच्ची चीनी के निर्यात कर में भी छूट
सरकार को उम्मीद, कीमतों पर लगेगी रोक
अधिकारियों के मुताबिक, आयात के बाद भी कीमतों में नरमी की उम्मीद कम

First Published - April 11, 2009 | 3:36 PM IST

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