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4 देशों से गेहूं निर्यात का विशेष अनुरोध

Last Updated- December 11, 2022 | 6:42 PM IST

केंद्र सरकार द्वारा 13 मई को निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), दक्षिण कोरिया, ओमान और यमन से गेहूं के संबंध में विशेष अनुरोध प्राप्त हुए हैं।
पहचान जाहिर न करने की शर्त पर एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यूएई ने हमारे राजदूत के जरिये गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के संबंध में चिंता जताई है। दक्षिण कोरिया, ओमान और यमन की सरकारों की तरफ से भी गेहूं के लिए अनुरोध आए हैं। हालांकि हम फिर से पता कर रहे हैं कियमन की तरफ से किया गया अनुरोध आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त सरकार की ओर से है या स्वघोषित सरकार की ओर से। इन देशों को गेहूं निर्यात की मात्रा क्या होगी, इस पर हमें अभी फैसला करना है।
अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश या नेपाल से गेहूं के लिए कोई अनुरोध नहीं आया है। बांग्लादेश भारत के कुल गेहूं निर्यात का आधा हिस्सा लेता है।
निर्यात प्रतिबंध लगाते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर प्रदान की गई अनुमति के आधार पर निर्यात की अनुमति दी जाएगी।
सरकार ने निर्यात प्रतिबंध के बाद मिस्र के लिए 61,500 टन की गेहूं की खेप की भी अनुमति दी है, जिसकी पहले से ही कांडला बंदरगाह पर लदाई हो रही थी। अधिकारी ने कहा कि अधिसूचना के समय वहां पांच जहाजों पर तीन लाख टन गेहूं की लदाई की जा रही थी। इसलिए हमने वह स्पष्टीकरण जारी किया।
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण विश्व बाजारों में गेहूं की कमी की वजह से इस साल भारत से होने वाले निर्यात की मांग में इजाफा देखा गया है। निर्यात के लिए गेहूं का प्रवाह रोकने का यह फैसला वर्ष 2022-23 सीजन के लिए 1.95 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य तक पहुंचने के वास्ते खरीद के संघर्ष के बाद आया है। यह लक्ष्य 4.44 करोड़ टन के मूल खरीद अनुमान से लगभग 56 प्रतिशत कम था। खरीद में इसलिए गिरावट आई, क्योंकि किसानों ने अच्छे दामों की चाह में अपना गेहूं निजी व्यापारियों को बेच दिया, जो राज्य द्वारा निर्धारित 2,015 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी से अधिक था।

First Published - May 26, 2022 | 1:06 AM IST

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