सरकार ने चीनी मिलों को चालू वित्त वर्ष में एथनॉल बनाने के लिए कच्चे माल के तौर पर 6.7 लाख टन बी-हैवी शीरे का उपयोग करने की मंजूरी दे दी है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पिछले साल सात दिसंबर को बी-हैवी शीरे के उपयोग पर प्रतिबंध लगने से पहले चीनी मिलों के पास बी-हैवी शीरे (चीनी का एक सह उत्पाद) का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद था।
हालांकि सरकार ने उसके एक हफ्ते बाद ही प्रतिबंध को उलटते हुए गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे के उपयोग की अनुमति दे दी थी। लेकिन यह मंजूरी चीनी विपणन सत्र 2023-24 में एथनॉल उत्पादन के लिए 17 लाख टन चीनी के इस्तेमाल की कुल सीमा के साथ दी गई थी।
अधिकारी ने कहा, ‘हमने चीनी मिलों को एथनॉल के लिए चीनी मिलों के पास पड़े बी-हैवी शीरे का उपयोग करने की अनुमति दे दी है। इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय को सूचित कर दिया गया है।’
उन्होंने कहा कि एथनॉल उत्पादन के लिए 17 लाख टन चीनी की निर्धारित उपयोग सीमा के अलावा यह मंजूरी होगी। वर्तमान में चीनी मिलों के पास 6.7 लाख टन बी-हैवी शीरे का स्टॉक मौजूद है।