सरकार ने शुक्रवार को बताया कि चीनी मिलों (sugar mills) ने सितंबर में समाप्त होने वाले चालू विपणन वर्ष में अब तक गन्ना किसानों (sugarcane farmers) को लगभग 1.04 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि 9,499 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना बाकी है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साधवी निरंजन ज्योति ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि किसानों को गन्ना बकाया का भुगतान एक सतत प्रक्रिया है और पिछले पांच वर्षों के दौरान गन्ने का बकाया लगातार कम होता रहा है।
उन्होंने बताया कि चीनी सत्र 2020-21 तक गन्ने का लगभग 99.9 प्रतिशत बकाया चुका दिया गया है। मंत्री ने कहा, ‘पिछले चीनी सत्र 2021-22 के लिए, 99.9 प्रतिशत से अधिक गन्ना बकाया चुका दिया गया है और चालू चीनी सत्र 2022-23 में, 17 जुलाई, 2023 तक लगभग 91.6 प्रतिशत गन्ना बकाया चुका दिया गया है।’
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आंकड़ों के अनुसार, चालू विपणन वर्ष 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) में 17 जुलाई तक देय कुल राशि 1,13,236 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,03,737 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और 9,499 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना बाकी है। कुल गन्ना बकाया 9,499 करोड़ रुपये में से, उत्तर प्रदेश के मिल मालिकों को गन्ना किसानों को बकाया 6,315 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। गुजरात में गन्ना बकाया 1,651 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र में 631 करोड़ रुपये है।
ज्योति ने कहा कि समय-समय पर चीनी मिलों के गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति की निगरानी के लिए शक्तियां राज्य सरकारों को सौंपी गई हैं और भुगतान में देरी के मामले में उनके द्वारा उचित कार्रवाई की जाती है।