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टीसीएस का वैश्विक परामर्श पर जोर

Last Updated- December 12, 2022 | 5:56 AM IST

प्रमुख आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को वर्ष 2020 ने परिचालन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया था क्योंकि उसने अपने ग्राहकों को कोविड-19 के कारण पैदा हुई अनिश्चितता से निपटने में मदद की। लेकिन अब कंपनी अपने रणनीतिक एजेंडे पर लौट रही है। इसी क्रम में वह अगले कुछ वर्षों के दौरान वृद्धि योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए खुद को तैयार कर रही है। कंपनी का एक प्रमुख एजेंडा वैश्विक परामर्श क्षेत्र में दमदार तरीके से दस्तक देने का है।
टीसीएस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी राजेश गोपीनाथन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कंपनी अब दो अंकों की वृद्धि की राह पर लौट आई है और इसलिए अब कोई बड़ा कदम उठाने का समय आ गया है। इसमें वृद्धि एवं बदलाव पर ध्यान केंद्रित करना और ग्राहकों के अपस्ट्रीम अनुबंधों का अभिन्न अंग बनना शामिल है। गोपीनाथ ने कहा, ‘कुल मिलाकर अवसर जबरदस्त है जिसे हम वृद्धि एवं बदलाव करते हैं। हम अब भी शुरुआती चरण के भागीदार हैं। हम मूल्य शृंखला में निवेश कर रहे हैं, चाहे उससे प्रासंगिक ज्ञान का उपयोग करते हुए दक्षता बढ़ाना हो अथवा नवाचार का प्रयोग या फिर नए अवसरों में निवेश।’
गोपीनाथन का यह भी मानना है कि आमतौर पर पारंपरिक सलाहकार सेवा प्रदाताओं द्वारा किए जाने वाले अपस्ट्रीम कार्य में भी बदलाव करने की जरूरत है। उनका मानना है कि परंपरागत सलाहकार सेवाएं समस्याओं का हल करने के लिए व्यापक दृष्टिकोण का उपयोग नहीं करती हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने लगातार इसी दृष्टिकोण को खुद पर भी लागू किया है। यह एक खुद के आंतरिक बदाव का मॉडल है जो कंपनी को उथल-पुथल मचाने वाले तरीके के बजाय बदलाव की ओर ले जाता है।’ पारंपरिक तौर पर आईटी सेवा कंपनियों ने डाउनस्ट्रीम कार्य/ अनुबंध पर ध्यान केंद्रित किया है जो निष्पादन पर केंद्रित है। अपस्ट्रीम कार्य एक रणनीति और रूपरेखा के साथ मैकिंजी ऐंड कंपनी, बीसीजी एवं अन्य सलाहकारों के नेतृत्व में काम करता है। इसमें एक्सेंचर आगे है।
यहां ध्यान देने की बात यह है कि कंसल्टेंट की अगुआई वाली रणनीति चाहने वाली भारतीय कंपनियों ने इन क्षमताओं के अधिग्रहण की कोशिश की है। उदाहरण के लिए विप्रो ने हाल में ब्रिटिश कंसल्टिंग फर्म कैपको का अधिग्रहण 1.45 अरब डॉलर में किया। विगत में इन्फोसिस भी कंसल्टिंग की विशेषज्ञता वाली कंपनी का अधिग्रहण कर चुकी है। टीसीएस ने शायद ही ऐसी कंपनी का अधिग्रहण किया है और उसकी रणनीति हमेशा से ही अपने यहां क्षमताएं विकसित करने की रही है। कंपनी और इस क्षेत्र पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का भी मानना है कि यह आईटी कंपनियों का अगला एजेंडा होगा।

First Published - April 13, 2021 | 11:48 PM IST

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