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धातुओं में तेजी साल 2021 में रह सकती है बरकरार

Last Updated- December 14, 2022 | 8:54 PM IST

कोविड-19 महामारी के बीच वैश्विक रूप से घोषित राहत पैकेजों से मुख्य धातुओं की चमक बढ़ रही है। तांबा, जस्ता और निकल में पिछले आठ महीनों से अच्छी तेजी आई है, क्योंकि डॉलर की कमजोरी ने इन जिंसों को अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सस्ता बना दिया है। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि इसके अलावा, महामारी की वजह से पैदा हुई आपूर्ति संबंधित समस्याओं से लैटिन अमेरिकी देशों पर दबाव पड़ा जिससे इन धातुओं की कीमतों को मदद मिली।
ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि हाल में, कई टीकों के सफल परीक्षण की घोषणाओं से कच्चे तेल और औद्योगिक धातुओं जैसी जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों के लिए धारणा मजबूत हुई है।
रिलायंस सिक्योरिटीज में वरिष्ठ शोध विश्लेषक श्रीराम अय्यर ने कहा, ‘हमारा मानना है कि अगले चार-पांच महीनों में तांबा की कीमतें 7,500 डॉलर प्रति टन के आंकड़े को पार कर जाएंगी, क्योंकि दुनिया में तांबे के सबसे बड़े उपभोक्ता चीन से मांग में सुधार की रफ्तार मजबूत है, और साथ ही कई देशों द्वारा घोषित राहत पैकेजों से भी कीमतों को मदद मिलेगी।’
मौजूदा समय में लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर तांबा करीब 7,000 डॉलर प्रति टन के आसपास है। मुख्य धातुओं की श्रेणी में, कारोबार के संदर्भ में तांबा बेहद नकदी संपन्न धातु है। हालांकि इस बार यह रुझान कुछ हद तक अलग दिख रहा है। बेवरेज कैन और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा इस्तेमाल होने वाली हल्की धातु एल्युमीनियम की कीमत में कमी आने का अनुमान है। कमजोर बुनियादी आधार की वजह से इस धातु की चमक फीकी पड़ सकती है।
मोतीलाल ओसवाल के उपाध्यक्ष एवं शोध प्रमुख (जिंस एवं मुद्रा) नवनीत दमानी ने कहा, ‘एल्युमीनियम की कीमतें पिछले कुछ दिनों में चढ़ी हैं। लेकिन यह धातु अधिशेष की स्थिति में है और इससे 2021 के पहले 6 महीनों में कीमत गिरावट को बढ़ावा मिल सकता है।’
ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि हालांकि चीन में अलग रुझान दिख रहा है और वहां ऊंची मांग से शांघाई और लंदन मेटल एक्सचेंज पर कारोबार वाली धातु के बीच आर्बिट्राज अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है। एलएमई पर एल्युमीनियम मौजूदा समय में करीब 1930 डॉलर प्रति टन पर है।
घरेलू बाजार में, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, नैशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड और वेदांत एल्युमीनियम उद्योग की तीन सबसे बड़ी कंपनियां हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि स्टेनलेस स्टील के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मुख्य धातु निकल का प्रदर्शन 2021 में अच्छा रहने की संभावना है।
दमानी ने कहा, ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में नई परियोजनाओं से किसी अन्य धातु (इस्पात या लौह) के मुकाबले स्टेनलेस स्टील की लोकप्रियता बढ़ रही है। निकल कीमतों में तेजी 2021 में बनी रह सकती है।’
इस धातु की कीमतें 2021 में 19,000-19,500 डॉलर प्रति टन को छू सकती हैं और 2020 के अंत में यह 17,000 डॉलर प्रति टन पर रह सकती हैं। मौजूदा समय में नकल की कीमतें 15,690 डॉलर पर हैं। एक स्थानीय ब्रोकरेज कंपनी के विश्लेषक ने नाम नहीं बताने के अनुरोध के साथ कहा, ‘इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मांग चीन से भी मजबूत हो रही है, क्योंकि यह देश स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इससे कीमतों को भी मदद मिलेगी।’
जस्ता और सीसा की कीमतों में भी तेजी आ रही है। मौजूदा समय में जस्ता कीमतें करीब 2,721 डॉलर प्रति टन के आसपास हैं, जबकि सीसा की कीमतें एलएमई पर 1,951 डॉलर प्रति टन हैं।

First Published - November 24, 2020 | 11:50 PM IST

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