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नहीं होगी मेवों की किल्लत, महंगाई से भी मिलेगी राहत

Last Updated- December 11, 2022 | 4:12 PM IST

इस बार त्योहारों पर मेवों के पकवान बनाना और उपहार में मेवे देना सस्ता पड़ सकता है क्योंकि उनकी किल्लत नहीं है। पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान संकट के कारण देश में मेवों की कमी हो गई थी मगर इस बार वहां से और दूसरे देशों से उनका जमकर आयात हो रहा है। इसलिए त्योहारों पर मेवों की आपूर्ति पिछले साल से ज्यादा रहने और उनके दाम भी पहले से कम रहने की उम्मीद है।
 

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जून के बीच केसर का आयात पिछले साल अप्रैल-जून के 8.25 टन से 273 फीसदी बढ़कर 30.79 टन हो गया। पिछले पूरे वित्त वर्ष में ही केवल 35.73 टन केसर का आयात हुआ था यानी इस बार पहली तिमाही में ही उसका करीब 85 फीसदी आयात हो चुका है। इसमें करीब 22.72 टन केसर नाइजीरिया से आया है, जहां से पिछले साल बिल्कुल भी आयात नहीं हुआ था।
 

इसी तरह इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अंजीर का आयात पिछले साल अप्रैल-जून से 123 फीसदी बढ़कर 357 टन हो गया है, जिसमें से अफगानिस्तान से 258 टन अंजीर आया है किशमिश का आयात करीब 22 फीसदी बढ़कर 3,818 टन हो गया है और अखरोट का आयात करीब 77 फीसदी बढ़कर 333 टन के करीब पहुंच गया है। अफगानिस्तान से पिछली तिमाही में 1,426 फीसदी ज्यादा अखरोट आया है। काजू का आयात भी उपरोक्त तिमाही में करीब 30 फीसदी इजाफे के साथ 4.30 लाख टन पर पहुंच गया। मगर अप्रैल से जून के बीच बादाम और पिस्ता के आयात में गिरावट आई है। बादाम का आयात 42 फीसदी घटकर 1,014 टन रहा। लेकिन पिछले वित्त वर्ष में 15,943 टन बादाम का आयात होने से बाजार में इसका पर्याप्त भंडार है और किल्लत होने की आशंका नहीं है। आगे अमेरिका में नई फसल आने से बादाम का आयात बढ़ने की उम्मीद भी कारोबारी लगा रहे हैं। विदेश से इस तिमाही पिस्ता भी केवल 2,009 टन आया है, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से करीब 41 फीसदी कम है। मगर कारोबारियों को उम्मीद है कि जुलाई से सितंबर के बीच मेवों का आयात बहुत अधिक रहेगा।
 

मेवा कारोबारी प्रेम अरोड़ा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि अफगानिस्तान से भारी मात्रा में केसर, अखरोट और किशिमश आते हैं। पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान के साथ जंग होने के कारण इनका आयात रुक गया था और त्योहारों पर मेवों की किल्लत हो गई थी। मगर इस बार ऐसा नहीं होगा क्योंकि वहां का संकट सुलझ गया है और मेवों का आयात बढ़ गया है।
 

मेवा आयातक बलवीर बजाज कहते हैं कि त्योहारों की मांग के लिए मेवों का खूब आयात हो रहा है और अफगानिस्तान के साथ दूसरे देशों से भी आयात काफी अधिक है। आपूर्ति अधिक है तो दाम में भी राहत मिलने की उम्मीद है। मेवा कारोबारी दलजीत सिंह ने कहा  कि आपूर्ति अच्छी रहने के कारण इस साल त्योहारों पर मेवे 10 फीसदी सस्ते बिक सकते हैं। अरोड़ा ने कहा कि खारी बावली में अलग-अलग किस्म के बादाम 600 से 800 रुपये किलो, किलो और किशमिश 200 से 400 रुपये किलो बिक रही है। इसी तरह अखरोट गिरी 1,000 से 1,400 रुपये, काजू 700 से 1,000 रुपये और पिस्ता 1,000 से 1,800 रुपये किलो बिक रहे हैं। भाव पिछले साल से 5-10 फीसदी कम हैं।

First Published - August 29, 2022 | 2:36 PM IST

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